
नई दिल्ली। झारखंड के रांची की प्रेरणा सिंह ने यूपीएससी एग्जाम में चार बार प्रयास किया। पहले तीन अटेम्पट में 2 अंक, 15 अंक और 1 अंक से फेल हो गईं। उनका मनोबल टूट सा गया था और वह कॅरियर के और विकल्पों के बारे में सोचने लगीं। उसी दरम्यान एक अनजान शख्स की सलाह पर उन्होंने खुद की ताकत को पहचाना और चौथे अटेम्पट में 271वीं रैंक हासिल की। आईआरएस कस्टम के लिए उनका चयन हुआ।
13 साल की उम्र में पिता की मौत
महज 13 साल की उम्र में प्रेरणा सिंह के पिता की मौत हो गई। परिवार चलाने की जिम्मेदारी मां के कंधों पर आ गई थी। पति की जगह पशु चिकित्सा विभाग (झारखंड सरकार) में क्लर्क की नौकरी ज्वाइन की। अब बेटी ही एक मात्र सहारा बची थी तो उसकी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया। कठिन परिस्थितियों में भी बेटी की शिक्षा जारी रखी।
यूपीएससी टॉपर प्रेरणा सिंह एजूकेशन
प्रेरणा की शुरूआती पढ़ाई रांची से ही हुई। 12वीं के बाद दिल्ली के मिरांडा हाउस से सोशियोलॉजी में ग्रेजुएशन किया। फिर, जामिया मिलिया इस्लामिया से मास्टर डिग्री हासिल की और वेदांत बाल्को में एचआर की नौकरी शुरू कर दी। हालांकि, एक साल के भीतर ही उन्होंने महसूस किया कि उनके जीवन का मकसद कुछ और है। उनके पिता अक्सर कहा करते थे कि समाज के बड़े—बड़े मामलों को प्रशासनिक अधिकारी बनकर हल किया जा सकता है। पिता के उन्हीं शब्दों ने उनके लिए प्रेरणा का काम किया और 2020 में नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की।
इस शख्स की सलाह के बाद फिर शुरू की तैयारी
साल 2020 के पहले अटेम्पट में प्रेरणा यूपीएससी प्रीलिम्स महज 2 नंबरों की कमी से क्लियर नहीं कर पाईं। साल 2021 में 15 मार्क्स के अंतर से फेल हो गईं। साल 2022 में 1 नंबर से असफल रहीं। लगातार तीन असफलताओं के बाद उनकी हिम्मत टूटने लगी थी। उन्होंने कॅरियर के अन्य विकल्पों पर विचार करना शुरू किया और सीएसआर की एक वैकेंसी में इंटरव्यू देने पहुंची तो प्रेरणा का रिज्यूम देखने के बाद इंटरव्यू लेने वाले शख्स ने उन्हें यूपीएससी के लिए चौथी बार प्रयास करने की सलाह दी। उससे प्रेरणा को एक नई ताकत मिली और अपनी मां से सलाह के बाद उन्होंने फिर तैयारी शुरू की।
चौथे अटेम्पट में 271वीं रैंक
यूपीएससी 2023 में प्रीलिम्स क्लियर हो गया। पर उसी दरम्यान लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से ऑफर लेटर आ गया, यह पब्लिक पॉलिसी में डिग्री के लिए था। पर उन्होंने अपना पूरा फोकस यूपीएससी मेंस की तैयारी पर रखा और फाइनल नतीजों में 271वीं रैंक हासिल की। खास यह है कि यूपीएससी एग्जाम की 80 फीसदी तैयारी उन्होंने रांची स्थित अपने घर पर रहकर की। उनका मानना है कि दिल्ली आए बिना भी ऑनलाइन कोचिंग के जरिए तैयारी हो सकती है। बस ग्रुप डिस्कशन के लिए एक पीयर ग्रुप होना चाहिए।
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