चाइनीज नाम से थी 'हेट' पर ड्रैगन फ्रूट की खेती कर मशहूर हुए रामजी दुबे

Rajkumar Upadhyaya |  
Published : Jul 12, 2023, 10:44 AM IST
चाइनीज नाम से थी 'हेट' पर ड्रैगन फ्रूट की खेती कर मशहूर हुए रामजी दुबे

सार

मिर्जापुर के किसान रामजी दुबे ने जब पहली बार ड्रैगन फ्रूट की खेती के बारे में सुना तो फल का नाम सुनकर ही उन्हें अच्छा नहीं लगा, क्योंकि उन्हें चाइनीज नाम से 'हेट' थी। अब वही ड्रैगन फ्रूट की खेती कर मशहूर हो गए हैं।

मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के किसान रामजी दुबे ने जब पहली बार ड्रैगन फ्रूट की खेती के बारे में सुना तो फल का नाम सुनकर ही उन्हें अच्छा नहीं लगा, क्योंकि उन्हें चाइनीज नाम से 'हेट' थी। अब वही ड्रैगन फ्रूट की खेती कर मशहूर हो गए हैं। जिले के प्रगतिशील किसानों में उनकी गिनती होती है। आलम यह है कि खरीददार पौधे पर फल लगने का इंतजार करते हैं। जिले के बड़े अधिकारी, इलाके के संभ्रान्त लोग और डॉक्टर भी उनके खेत की विजिट करते हैं। ड्रैगन फ्रूट के स्वास्थ्यवर्धक गुणों की वजह से जिले में इसकी डिमांड है।

फायदे जानने के बाद लगाए पौधे

रामजी दुबे दूरदर्शन के इंजीनियरिंग विभाग में काम करते थे। रिटायरमेंट के दौरान ही उन्होंने पारम्परिक खेती के बजाए ड्रैगन फ्रूट की खेती के फायदे के बारे में सुना। पहले तो चाइनीज नाम से हेट की वजह से उन्हें ड्रैगन फ्रूट की खेती नहीं भायी। पर उद्यान महकमे के मेवाराम ने इसके फायदे बताएं। तब रामजी दुबे ने ड्रैगन फ्रूट की खेती करने का निर्णय लिया। 

वियतनाम से मंगाए पौधे

एशियानेट न्यूज माई नेशन हिंदी से रामजी दुबे ने बताया कि उन्होंने वियतनाम, हैदराबाद और कोलकाता से 1110 पौधे मंगवाए। यह पौधे एक ही बार लगाने होते हैं। उसके बाद 15 से 20 साल तक फसल देते हैं। फसल का समय मई-जून से लेकर नवम्बर-दिसम्बर तक होता है। यह पौधे ठंडी सहन कर लेते हैं। पर ज्यादा गर्मी सहन नहीं कर पाते हैं। 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान पर पौधे झुलसने लगते हैं।

इस साल 20 लाख कमाई की उम्मीद

रामजी दुबे कहते हैं कि अप्रैल-मई महीने में अच्छी बारिश हुई थी। आंधी भी आई थी। ज्यादा गर्मी नहीं थी। उस समय एक एक पौधे में 50-50 फूल आए थे। पर जून में इतनी गर्मी पड़ी की पौधे झुलस गए, हालांकि कुछ फल तैयार भी हो गए हैं। उम्मीद है कि इस बार हम 100 क्विंटल के आस पास फल निकाल लेंगे। जिससे करीबन 20 लाख कमाई की उम्मीद है। 

एक एकड़ में 4 से 5 लाख का खर्च

रामजी दुबे कहते हैं कि एक एकड़ खेत में 7 क्विंटल फल देने की कैपिसिटी होती है। एक हेक्टेयर यानी ढाई एकड़ की खेती में 4 से 5 लाख का खर्च आता है। वर्तमान में बहुत से पेड़ों पर 14 से 15 फल आ गए हैं। अभी फल आने के लिए पूरा सीजन पड़ा है। अगस्त-सितम्बर तक गर्मी कम हो जाएगी। फिर जैसे-जैसे ठंडी बढ़ती जाएगी। फल का साइज बढ़ता जाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि यह फल किसी दवा से कम नहीं है।

एक पौधा लगाने में 1000 से 1200 रुपये का खर्च

ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाने के लिए खेत में पोल खड़े किए जाते हैं। सीमेंट के पोल और लोहे के ग्रिल का खर्च जोड़ लिया जाए तो एक ड्रैगन फ्रूट के पौधे को लगाने में 1000 से 1200 रुपये का खर्च आता है। उस पर कैक्टस बेल की तरह 4 पौधे लगा दिए जाते हैं। इन्हीं बेल में फूल आते हैं, जो कुछ ही समय में ड्रैगन फ्रूट में तब्दील हो जाते हैं। फुटकर बाजार में ड्रैगन फ्रूट की कीमत 200 से 250 रुपये प्रति किलो होती है।

ड्रैगन फ्रूट के फायदे

ड्रैगन फ्रूट खाने में रसीला और मीठा होता है। सुपरफूड शक्तियों ने इसे सेहत के प्रति जागरूक लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया है। दक्षिण अमेरिका के फल के फायदे समझते हुए अब भारत में भी इसकी खेती की जा रही है। सलाद, मुरब्बा, जेली और शेक के रूप में इसका उपयोग किया जाता है। इस फल में नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। यह ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करने के साथ ही हार्ट को भी हेल्दी रखता है।

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