
लखनऊ. पूर्वोत्तर रेलवे में काम करने वाले राजेश पांडेय बरेली वर्कशॉप में इंजीनियर हैं। उन्होंने अपना नाम सोनिया पांडे और लिंग में महिला के रूप में बदलाव की मांग करते हुए गोरखपुर में पूर्वोत्तर रेलवे महाप्रबंधक के कार्यालय सेसंपर्क किया है। इस मांग को शीर्ष रेलवे के पास भेज दिया गया है, क्योंकि ये पहली बार है कि कोई कर्मचारी आधिकारिक रिकॉर्ड में अपना लिंग और नाम बदलना चाहता है। पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी सीपी चौहान ने कहा, ‘यह एक तकनीकी मुद्दा है और हम कानूनी पहलुओं पर गौर कर रहे हैं।’ पांडेय चार बहनों में अकेले भाई थे। 2003 में पिता की मृत्यु के बाद आश्रित के रूप में नौकरी पाई थी।
लिंग बदलवाने के बाद खुद को सहज बता रहा है राजेश
राजेश ने बताया कि मैं एक ऐसा व्यक्ति हूं जिसकी आत्मा को एक गलत शरीर में डाल दिया गया है। नारी विचार मेरेपास आते और मैं मेकअप में रुचि लेती। पारिवारिक दबाव में शादी की फिर पत्नी को सच्चाई बताई तो तलाक भी हो गया। मैंने बाद में सर्जरी करवा ली। यही सही था क्योंकि रोज घुटनेसे अच्छा था कि मैं लिंग बदलवा लूं। इसको दो साल बीत गए हैं और अब मैं सहज महसूस करती हूं। अब मुझे अपना अस्तित्व मिल गया है।’
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