राम मंदिर में लगेंगे 14 स्वर्ण जड़ित दरवाजे, जानिए अयोध्या प्राण प्रतिष्ठा के पहले क्या हो रही तैयारियां

By Rajkumar UpadhyayaFirst Published Dec 25, 2023, 2:59 PM IST
Highlights

राम मंदिर के भूतल पर लगने वाले दरवाजों पर नक्काशीदार डिजाइन है। स्वर्ण जड़ित दरवाजों की फाइनल कोटिंग दिल्ली में होगी। इसके लिए उन्हें दिल्ली ले जाया गया है। दरवाजों पर गज, कमल और स्वागत की प्रणाम में मुद्रा में देवी की कलाकृति अंकित है। दरवाजों को एलएंडटी कम्पनी ने डिजाइन किया है।

अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले की तैयारियां जोरों पर हैं। पीएम मोदी समेत देश-दुनिया की प्रमुख हस्तियां आयोजन में शामिल होंगी। सरकार भी आयोजन को भव्यतम बनाने में लगी है। राम मंदिर का गर्भ गृह बनकर तैयार है। ग्राउंड फ्लोर का काम करीबन पूरा हो चुका है। दरवाजे तैयार किए जा रहे हैं। भूतल पर बनाए जा रहे 14 दरवाजे महाराष्ट्र से आई सागौन की लकड़ी से बने हैं। जिन पर तांबे की परत चढ़ाने के बाद सोना जड़ा जाएगा। हैदराबाद की एक कंपनी के मजदूर इस काम में लगे हैं।

स्वर्ण जड़ित दरवाजों की फाइनल कोटिंग दिल्ली में

राम मंदिर के भूतल पर लगने वाले दरवाजों पर नक्काशीदार डिजाइन है। स्वर्ण जड़ित दरवाजों की फाइनल कोटिंग दिल्ली में होगी। इसके लिए उन्हें दिल्ली ले जाया गया है। दरवाजों पर गज, कमल और स्वागत की प्रणाम में मुद्रा में देवी की कलाकृति अंकित है। दरवाजों को एलएंडटी कम्पनी ने डिजाइन किया है। गर्भ गृह के दरवाजों की ऊंचाई 8 फीट और चौड़ाई 12 फीट है। जबकि अन्य दरवाजों की ऊंचाई 8 फीट और चौड़ाई 12 फीट से कम है। दरवाजे इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि जरुरत पड़ने पर उन्हें आधा या पूरा खोला जा सकता है।

किस शैली में बन रहा मंदिर? क्या है खासियत?

नागर शैली में बन रहे मंदिर की खासियत यह है कि उसमें मेडिटेशन हॉल, धर्मशाला, रिसर्च सेंटर स्टॉफ आवास, लाइब्रेरी भी रहेगी। मंदिर के सभी द्वारों पर इंडियन कल्चर की झांकी देखी जा सकती है। भारतीय हिन्दू स्थापत्य कला की तीन शैली में से एक नागर शैली के मंदिरों की पहचान उनका चतुष्कोण होना है। नागर शैली के मंदिरों में लोहे और सीमेंट का यूज नहीं किया जाता है। इस शैली के मंदिर का उत्कृष्ट उदाहरण भुवनेश्वर का लिंगराज मंदिर है। मंदिर में प्रवेश के लिए चार दिशाओं में अलग अलग दरवाजे होंगे।

मंदिर की खासियत

  • मंदिर की लंबाई 380 फीट और चौड़ाई 250 फीट।
  • गुंबद की चौड़ाई 34 फीट और लंबाई 32 फीट।
  • गुंबदों की मंदिर प्रांगण से ऊंचाई 69 फीट से लेकर 111 फीट तक।
  • गर्भगृह में मकराना के संगमरमर लगे हैं।
  • मंदिर में पिलरों की संख्या 392 है। 
  • मंदिर में 2100 किलो का घंटा लगेगा।
  • घंटे की चौड़ाई 5 फीट और ऊंचाई 6 फीट है। 
  • घंटे की लागत करीबन 25 लाख रुपये।

नगर झांकी से शुरु होंगे प्रोग्राम

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के एक सप्ताह पहले ही विभिन्न कार्यक्रम शुरु हो जाएंगे। नगर झांकी निकालकर कार्यक्रम की शुरुआत होगी। जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्म से लेकर वनवास तक की झलक के अलावा लंका विजय और अयोध्या वापसी की तस्वीरें भी दिखेंगी।

30 दिसम्बर को एयरपोर्ट का उद्घाटन

श्रीराम एयरपोर्ट का उद्घाटन 30 दिसम्बर को पीएम मोदी करेंगे। अयोध्या के होटलों की एडवांस बुकिंग भी रद्द कर दी गई है। ऐसा बड़ी संख्या में आमंत्रित लोगों को देखते हुए किया गया है। 22 जनवरी को अयोध्या में निमंत्रित लोग या फिर ड्यटी पर लगे सरकारी कर्मचारियों की ही एंट्री हो सकेगी। 

सजाया जा रहा हाईवे

पीएम नरेंद्र मोदी के 30 दिसम्बर को अयोध्या आगमन को देखते हुए हाईवे भी सजाए जा रहे हैं। नयाघाट की तरफ आने वाले हाईवे को फूलों से सजाया जाएगा। यह सजावट उसी तरह की जाएगी। जैस कि सुल्तानपुर रोड से एयरपोर्ट फोरलेन मार्ग की हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग लखनऊ गोरखपुर के अयोध्या बाईपास रेलिंग की अट्रैक्टिव रंगों से पेंटिंग होगी। फूल व गमलों से सजाया जाएगा।

ये भी पढें-अयोध्या राम मंदिर कानूनी लड़ाई से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक, जानिए क्या है पूरा इतिहास?...

click me!