'कोटा' बना कोरोनावायरस की सियासत का अखाड़ा

Published : Apr 18, 2020, 06:05 PM IST
'कोटा' बना कोरोनावायरस की सियासत का अखाड़ा

सार

असल में कोटा में हजारों की तादाद में वहां पर कोचिंगों में पढ़ने वाले बच्चे फंसे हुए हैं। लॉकडाउन के कारण वह घर नहीं जा सके और अब इसके बढ़ जाने के कारण उनकी मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। कोटा इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करने का गढ़ माना जाता है और वहां पर कई राज्यों के हजारों की संख्या में बच्चे फंसे हुए हैं। लिहाजा यूपी की योगी सरकार ने वहां से बच्चों को निकालने के लिए वहां पर दो सौ बसों को भेजने का फैसला किया।

नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच राजस्थान का कोटा सियासत का बड़ा अखाड़ा बन गया है। क्योंकि जहां कोटा में रहे कोचिंग में पढ़ने वाले बच्चों को लाने के लिए योगी सरकार की तारीफ हो रही है वहीं बिहार में सियासत गर्मा गई है। बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को घेरना शुरू कर दिया। वहीं कांग्रेस उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर आरोप लगा रही है। तो यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव योगी सरकार  के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।

असल में कोटा में हजारों की तादाद में वहां पर कोचिंगों में पढ़ने वाले बच्चे फंसे हुए हैं। लॉकडाउन के कारण वह घर नहीं जा सके और अब इसके बढ़ जाने के कारण उनकी मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। कोटा इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करने का गढ़ माना जाता है और वहां पर कई राज्यों के हजारों की संख्या में बच्चे फंसे हुए हैं। लिहाजा यूपी की योगी सरकार ने वहां से बच्चों को निकालने के लिए वहां पर दो सौ बसों को भेजने का फैसला किया। लेकिन इस बीच योगी सरकार खुद फंस गई है। क्योंकि इस फैसले के जरिए लॉकडाउन के नियम टूट रहे हैं।

लेकिन कोटा के बहाने यूपी राजस्थान ही बिहार में राजनीति शुरू हो गई है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और जद (यू) के पूर्व उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। इन नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार कब अन्य राज्यों में फंसे प्रवासियों को लाने के लिए फैसला करेंगे। जबकि नीतीश कुमार योगी सरकार के फैसले के खिलाफ हैं। कुमार ने कहा कि योगी सरकार ने नियमों को तोड़ा है और इससे लॉकडाउन का मकसद पूरा नहीं होता है। तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार से सवाल किया है कि वह अप्रवासी मजबूर मजदूर वर्ग और छात्रों से इतना बेरुखी भरा व्यवहार क्यों  कर रहे हैं।  देश के विभिन्न हिस्सों में बिहार के प्रवासी फंसे हैं और अपने घर आना चाहते है।

 वहीं कभी नीतीश कुमार के करीबी रहे प्रशांत किशोर यानी पीके ने नीतीश कुमार को घेरने में पीछे नहीं हैं। किशोर ने ट्विट किया है कि कई राज्यों में प्रवासी फंसे हैं और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी लॉकडाउन की मर्यादा का पाठ पढ़ा रहे हैं। वहीं यूपी में बहुजन समाज की प्रमुख मायावती ने योगी सरकार तारीफ की है। जबकि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव योगी सरकार के फैसले को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
 

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