महाराष्ट्र और हरियाणा में थमा चुनाव प्रचार, सोमवार को जनता जर्नादन करेंगी किस्मत का फैसला

By Team MyNationFirst Published Oct 19, 2019, 6:51 PM IST
Highlights

पीएम मोदी ने हरियाणा के ऐलनाबाद में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं ने देश की आस्था, परंपरा और संस्कृति को कभी सम्मान नहीं दिया। कांग्रेस की सोच जिस तरह के हमारे पवित्र और धार्मिक स्थलों के प्रति रही वैसी ही सोच उनकी जन्मू कश्मीर के प्रति थी। देश 70 वर्ष तक समस्याओं से जूझता रहा और वह मजे करते रहे और समस्याओं को उलझाते रहे।

नई दिल्ली। महाराष्ट्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए आज चुनाव प्रचार थम गया है। 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र की 288 और हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के लिए जनता अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी। आज आखिरी दिन सभी राजनैतिक दलों ने अपनी ताक झोंकी। वहीं आज पीएम नरेंद्र मोदी ने हरियाणा में दो रैली और गृहमंत्री अमित शाह महाराष्ट्र में तीन रैलियों को संबोधित किया है।

पीएम मोदी ने हरियाणा के ऐलनाबाद में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं ने देश की आस्था, परंपरा और संस्कृति को कभी सम्मान नहीं दिया। कांग्रेस की सोच जिस तरह के हमारे पवित्र और धार्मिक स्थलों के प्रति रही वैसी ही सोच उनकी जन्मू कश्मीर के प्रति थी। देश 70 वर्ष तक समस्याओं से जूझता रहा और वह मजे करते रहे और समस्याओं को उलझाते रहे। लेकिन कांग्रेस सरकार ने कभी ईमानदारी से इन समस्याओं का समाधान करने की कोशिश नहीं की। 

पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली की कांग्रेस सरकार कश्मीर के हालत दिन प्रति दिन बिगाड़ती रही और देश की आजादी के कुछ समय बाद ही हमारा एक हिस्सा पाकिस्तान को चला गया। लिहाजा इसके लिए पूरी तरह के कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि बंटवारे वक्त ये नहीं सोचा कि महज 4 किमी के फासले पर गुरु नानक का स्थान करतारपुर है। लेकिन सरकार ने इसके लिए कोई प्रयास नहीं किए।

वहीं भाजपा अध्यक्ष और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कश्मीर की समस्या को केन्द्र सरकार ने एक ही दिन में खत्म कर दिया है। कश्मीर में हालत बेहतर हो रहे हैं और शांति स्थापित हो रही है। लेकिन कांग्रेस को ये देखकर दुख होता है। क्योंकि कांग्रेस के नेता पाकिस्तान की भाषा बोलने में गर्व करते हैं। उन्होंने कहा कि देश में विकास न होने के लिए सीधे तौर पर कांग्रेस ही जिम्मेदार है।  

ये रहा था हरियाणा में 2014 का परिणाम

हरियाणा में 2014 में हुए चुनाव में  भाजपा ने 47 सीट, इंडियन नेशनल लोकदल को 19 कांग्रेस को 15 सीटें मिली थी। जबकि हरियाणा जनहित कांग्रेस को दो सीट, शिरोमणी अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी को एक-एक सीट मिली थी जबकि पांच सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी जीते थे।

महाराष्ट्र के 2014 में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम

महाराष्ट्र में साल 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में हालांकि भाजपा और शिवसेना अलग अलग लड़ी थी। लेकिन चुनाव के बाद दोनों ने मिलकर सरकार बनाई थी। चुनाव में भाजपा ने 123 सीटें, शिवसेना ने 63, कांग्रेस ने 42 और राकांपा ने 41 सीटें जीती थी। 
 

click me!