
जलियांवाला बाग नरसंहार की घटना को 100 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर ब्रिटेन सरकार की ओर से एक बार फिर खेद जताया गया है। हालांकि अभी तक ब्रिटेन ने इस घटना के लिए आधिकारिक तौर पर माफी नहीं मांगी है। ब्रिटेन ने एक बार फिर इसे शर्मनाक घटना बताया है। भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त डोमिनिक एक्यूथ ने कहा है कि 100 साल पहले हुई यह घटना एक बड़ी त्रासदी थी। यहां जो भी हुआ उसका हमें हमेशा खेद रहेगा। यह बेहद शर्मनाक था। कुछ दिन पहले ही ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने जालियांवाला बाग नरसंहार को ब्रिटिश भारतीय इतिहास पर 'शर्मनाक धब्बा' करार दिया था।
ब्रिटिश उच्चायुक्त ने जलियांवाला शहीद स्मारक पहुंचकर यहां मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने विजिटर बुक पर लिखा- 100 साल पहले हुई यह घटना एक बड़ी त्रासदी थी। यहां जो कुछ भी हुआ उसका हमें हमेशा खेद रहा है। यह बेहद शर्मनाक था। हम इतिहास को दोबारा नहीं लिख सकते। लेकिन हम भारत और ब्रिटेन के बीच मजबूत संबंध चाहते हैं।
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उधर, पीएम मोदी ने जलियांवाला बाग में मारे गए लोगों को याद किया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'आज, जब हम जलियांवाला बाग में हुए भयावह नरसंहार के 100 वर्षों को देखते हैं, तो भारत उस घातक दिन शहीद हुए सभी लोगों को श्रद्धांजलि देता है। उनकी वीरता और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उनकी स्मृति हमें उस भारत के निर्माण के लिए और भी ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित करती है, जिस पर उन्हें गर्व होता।'
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इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी शहीद स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू समेत अन्य मंत्री भी मौजूद थे।
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