जाने क्यों जयाप्रदा ने खोला आजम खान के खिलाफ मोर्चा, बढ़ेंगी एसपी सांसद की मुश्किलें

Published : Jun 08, 2019, 02:33 PM IST
जाने क्यों जयाप्रदा ने खोला आजम खान के खिलाफ मोर्चा, बढ़ेंगी एसपी सांसद की मुश्किलें

सार

जयाप्रदा के तेवरों को देखते हुए लगता है कि वह आजम खान को इतनी आसानी से नहीं छोड़ने वाली हैं। उन्होंने कहा कि आजम खान मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय कुलाधिपति हैं और एक ही व्यक्ति ऑफिस ऑफ प्रॉफिट यानी लाभ के पद पर आसीन रहते हुए विधायक कैसे रह सकता है। पूर्व सांसद ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 102(1)ए का आजम खान लगातार उल्लंघन कर रहे हैं। 

रामपुर से लोकसभा का चुनाव आजम खान से हारने के बाद पूर्व सांसद जयाप्रदा ने अब उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जयाप्रदा ने कहा कि आजम खान की सदस्यता रद्द होनी चाहिए। क्योंकि वह पहले से ही लाभ के पद पर काबिज हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सदस्यता रद्द कराने तक वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।

लोकसभा चुनाव में रामपुर से समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान सांसद बने हैं। रामपुर में आजम खान ने पूर्व सांसद व अभिनेत्री जयाप्रदा को शिकस्त थी। जयाप्रदा पहले रामपुर से सांसद भी रह चुकी हैं। लेकिन अब चुनाव खत्म होने के बाद उन्होंने आजम खान के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है।

जयप्रदा ने कहा कि आजम खान की सदस्यता रद्द होनी चाहिए। क्योंकि वह जौहर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं। क्योंकि कोई भी विधायक और सांसद के साथ ही किसी लाभ के पद पर काबिज नहीं हो सकता है। लिहाजा उन्होंने इसके लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

जयाप्रदा ने आयोग से आजम खान की संसद सदस्यता को रद्द करने की मांग की है। जयाप्रदा ने ये भी कहा कि आजम खान ने लाभ के दो पद पर होते हुए चुनाव लड़ा जो कि संवैधानिक रुप से गलत है। बहरहाल जयाप्रदा के तेवरों को देखते हुए लगता है कि वह आजम खान को इतनी आसानी से नहीं छोड़ने वाली हैं।

उन्होंने कहा कि आजम खान मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय कुलाधिपति हैं और एक ही व्यक्ति ऑफिस ऑफ प्रॉफिट यानी लाभ के पद पर आसीन रहते हुए विधायक कैसे रह सकता है। पूर्व सांसद ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 102(1)ए का आजम खान लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।

जब वह उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी में मंत्री थे तो उन्होंने इसका जबरदस्त तरीके से उल्लघंन किया था। वह मंत्री थे और जल निगम के अध्यक्ष भी। जो लाभ का पद था। जयाप्रदा ने जिक्र करते हुए कहा कि 2006 में राज्य सभा सदस्य जया बच्चन को भी अपनी सदस्यता गवांनी पड़ी थी।

क्योंकि वह सांसद के साथ ही उत्तर प्रदेश फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष थीं। वहीं उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी अपने आदेश में कहा कि अगर किसी सांसद या विधायक ने लाभ का पद लिया है तो उसकी सदस्यता समाप्त होनी चाहिए। फिलहाल वह जल्द ही राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगी।

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