ब्रिटेन की इस पत्रिका ने मोदी के बारे में कहा कुछ ऐसा, विरोधियों के उड़ गए होश

Published : Sep 19, 2018, 09:25 AM IST
ब्रिटेन की इस पत्रिका ने मोदी के बारे में कहा कुछ ऐसा, विरोधियों के उड़ गए होश

सार

इस बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ ब्रिटेन से हुई है। मुद्दा स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा हुआ है। मोदी को उसी संस्था से तारीफ मिली है, जो अब तक भारतीयों की कटु आलोचक मानी जाती थी। 

 ब्रिटेन की एक मशहूर चिकित्सा पत्रिका ने कहा है कि नरेंद्र मोदी ‘आयुष्मान भारत’ कार्यक्रम के तहत अपने राजनीतिक मंच के अंतर्गत सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को प्राथमिकता देने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं और कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी, मोदीकेयर के मुकाबले में पीछे हैं।

‘द लांसेट’ पत्रिका के प्रधान संपादक रिचर्ड होर्टन ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने गैर संक्रामक रोगों से घिरे भारत में स्वास्थ्य के महत्व को न केवल नागरिकों के प्राकृतिक अधिकार के तौर पर बल्कि उभरते मध्यवर्ग की बढ़ती आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए राजनीतिक औजार के तौर पर लिया है।

उन्होंने पत्रिका में आलेख में लिखा है, ‘‘कांग्रेस को फिर से सशक्त करने और भारत के महान राजनीतिक वंश के पास देने के लिए कुछ है, यह साबित करने में जुटे राहुल गांधी निम्न जातियों, जनजातियों और ग्रामीण गरीबों की मदद करने का वादा करने के बावजूद मोदीकेयर के मुकाबले में पीछे हैं।’’ 

लांसेट के प्रधान संपादक ने इस बात पर बल दिया है कि भारत में अगले आम चुनाव में स्वास्थ्य एक निर्णायक मुद्दा होगा। 

बुधवार को द लांसेट ग्रुप ऑफ जर्नल्स में गैर संक्रामक बीमारियों पर भारत के विशेष संदर्भ में पांच रोगों के बोझ संबंधी अध्ययन के संदर्भ में होर्टन ने कहा, ‘‘भारत के भविष्य के प्रति विभिन्न दृष्टिकोणों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच प्रतिस्पर्धा छिड़ने के बीच स्वास्थ्य अगले साल के आम चुनाव में एक उपयुक्त निर्णायक मुद्दा बनेगा। ’’ 

आलेख में कहा गया है, ‘‘सालों की अनदेखी के बाद भारत सरकार ने स्वास्थ्य के बारे में व्यापक जन असंतोष को पहचाना। इस साल शुरु की गयी आयुष्मान भारत नामक पहल के तहत प्रधानमंत्री ने दो नये अहम कार्यक्रम शुरु किये।’’ 
 ‘‘आयुष्मान भारत के दो स्तंभ हैं: सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए प्राथमिक देखभाल सुविधाओं का मेरुदंड प्रदान करने के लिए 1,50,000 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों का निर्माण तथा सलाना पांच लाख रुपये प्रति परिवार का कवरेज प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य बीमा जिससे दस करोड़ से अधिक गरीब परिवार लाभान्वित होंगे।’’ 

खास बात ये है, कि यह वही लांसेट है, जो अब तक स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भारत की कटु आलोचना करती रही है। मनमोहन सरकार के समय अप्रैल 2011 में तो लांसेट ने भारत को खतरनाक जगह करार देते हुए, विदेशियों को वहां नहीं जाने की सलाह तक जारी कर दी थी।

उस समय लांसेट का शोध पत्र देश में गंदगी और बैक्टीरिया पर आधारित था। लेकिन अब सरकार बदलने के साथ लांसेट का भी नजरिया भारत के प्रति बदल गया है। 

PREV

MyNation Hindi पर पाएं आज की ताजा खबरें (Aaj Ki Taza Khabar)। यहां आपको राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ब्रेकिंग न्यूज़ और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं की तुरंत और भरोसेमंद जानकारी मिलती है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और टेक सहित हर बड़ी खबर पर रहें अपडेट—तेज, सटीक और आसान भाषा में।

Recommended Stories

CR Patil Birthday: सूरत में 5100 बेटियों को 7500 रुपये के चेक, 1.25 लाख विद्यार्थियों को नोटबुक वितरित
Surat Google Workspace Training: सार्वजानिक विश्वविद्यालय में 9 दिन का FDP, शिक्षकों-कर्मचारियों को मिला डिजिटल प्रशिक्षण