
पंजाब और हरियाणा के खेतों में पराली जलने के कारण अभी से दिल्ली के मौसम में धुआ और प्रदूषण की परत जमने लगी है। इसका असर कई जगहों पर हवा में महसूस किया जा रहा है। वहीं दिल्ली के कुछ हिस्सों में हवा बेहद खराब श्रेणी पर पहुंच गई है।
पंजाब और हरियाणा के खेतों में जलाए जाने वाले कृषि अवशेष का असर अब दिल्ली के आसमान पर दिखने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में शाम के समय का तापमान अब धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। इसके चलते नमी की मात्रा भी बढ़ती जा रही है।
नमी होने के कारण धुएं और धूल के कण एक साथ मिल जाते हैं। इससे आसमान में धुंध की एक परत बन जाती है। विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले दिनों में प्रदूषण की मात्रा और बढ़ सकती है।
अगर हर बार की तरह इस बार भी किसान पराली यूं ही जलाते रहे तो पिछले साल 2017 की तरह दिल्ली में भारी मात्रा में धुंध फैल जाएगी। जिसके कारण नुकसान होने के सम्भावना बढ़ सकती है, न केवल स्वास्थ्य में बल्कि रोड एक्सीडेंट भी हो सकते हैं।
पंजाब के प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने सितंबर से अक्टूबर के बीच अभी तक पराली जलाने के 40 मामले दर्ज किए हैं। इनमें 34 मामले अमृतसर जिले में, चार पटियाला के राजपुरा में, होशियारपुर में और एक संगरूर में दर्ज किए गए हैं। सरकार को अंदेशा है कि अक्टूबर में जब धान की कटाई जोरों पर होगी तो राज्य में पराली जलाने के ज्यादा मामले सामने आ सकते हैं।
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