
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक बार फिर बड़ा फैसला कर चीन का बड़ा झटका दिया है। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने तीन पर तीसरी बार डिजिटल स्ट्राइक की है और पबजी समेत 118 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। दो दिन पहले लद्दाख में चीनी हिमाकत के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इन मोबाइल ऐप्स पर बैन लगाया है। मंत्रालय का कहना है कि इनको लेकर कई शिकायतें मिल रही थी और इसके बाद ये फैसला किया है।
केन्द्र सरकार का कहना है कि ये ऐप राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा थे, लिहाजा पबजी समेत 118 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का कहना है कि ये मोबाइल ऐप भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बने हुए थे। लिहाजा देश की सुरक्षा को देखते हुए इन पर प्रतिबंध लगाया है। वहीं मंत्रालय का ये भी कहना है कि इन मोबाइल एप्प को लेकर कई शिकायतें मिल रही थी।
यही नहीं एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म कई मोबाइल ऐप हैं भारतीयों की सूचनाएं चुराते हैं। ये ऐप यूजर्स की सूचना और डेटा को चोरी कर भारत के बाहर भेज रहे हैं, जिसके कारण देश की सुरक्षा को खतरा है। असल में इससे पहले भारत सरकार ने टिकटॉक सहित चीन के कई ऐप पर प्रतिबंध लगाए थे। केन्द्र सरकार ने पहली बार चीनी ऐप टिकटॉक, हेलो समेत चीन के 59 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगया था। इससे पहले चीन सैनिकों की भारतीय सैनिकों के साथ लद्दाख में झड़प हुई थी और इसमें भारत के बीस जवान शहीद हुए थे वहीं चीन के 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे।
जिसके बाद भारत सरकार ने चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद जुलाई के आखिर में 47 और चीनी ऐप पर पाबंदी लगाई गई थी। जिसके बाद चीन बौखला गया था और उसने भारत के खिलाफ कार्यवाही करने की बात कही थी। जानकारी के मुताबिक आज केन्द्र सरकार ने पबजी के अलावा लिविक, वीचैट वर्क और वीचैट रीडिंग, ऐपलॉक, कैरम फ्रेंड्स जैसे मोबाइल ऐप पर बैन लगाया था। असल में लद्दाख में चीन की हिमाकत को देखते हुए भारत ने ये सख्त कदम उठाया है।
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