
बेंगलुरू। कर्नाटक के कांग्रेस नेता सीएम इब्राहिम ने कर्नाटक सरकार से अनुरोध किया है कि वह राज्य में मुस्लिमों को ईद के दौरान मस्जिदों में नमाज पढ़ने की इजाजत। इब्राहिम ने कहा कि राज्य सरकार इस पर जल्द फैसला करे। हालांकि कर्नाटक सरकार ने साफ कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और कोरोना संकटकाल में पूजा स्थलों में एकत्रित होने पर रोक है।
मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को लिखे पत्र में इब्राहिम ने कहा राज्य सरकार ईदगाह मैदान या मस्जिदों में सुबह 1 बजे तक नमाज पढ़ने के लए अनुमति दे। हालांकि इब्राहिम से पहले मुस्लिम धर्म गुरु कोरोना संकटकाल में घरों में नमाज अदा करने की बात कह चुके हैं। लेकिन इब्राहिम कोरोना संकट के बावजूद एकत्रित होकर नमाज अदा करने की मांग कर रहे हैं। जिसको लेकर राज्य में कांग्रेस और कांग्रेस नेता की जमकर आलोचना हो रही है।
क्योंकि कोरोना संकट में हिंदू समुदाय ने घरों में होली का त्योहार मनाया और नवरात्र भी घरों में ही मनाई। देशभर कोरोना लॉकडाउन के बावजूद मस्जिदों में कई लोगों को नमाज पढ़ने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जबकि सरकार ने कहा है कि धार्मिक स्थलों में एकत्रित न हो। क्योंकि इससे कोरोना फैलने का खतरा है। इब्राहिम के इस पत्र के बाद ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री के एस ईश्वरप्पा और सामूहिक प्रार्थनाओं की अनुमति के लिए जमकर आलोचना की है।
राज्य में ईद-उल फितर का त्यौहार 24 या 25 मई को मनाया जा सकता है। ईश्वरप्पा ने कहा कि हर कोई जानता है कि (पूर्व मुख्यमंत्री) सिद्धारमैया, सी एम इब्राहिम और (पूर्व मंत्री) बी जेड ज़मीर अहमद खान तब्लीगी जमात को समर्थन देते हैं। दो दिन पहले कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने दिल्ली में 'तबलीगी जमात' से आरएसएस को जोड़ा था। जिसके बाद उनकी जमकर आलोचना हुई थी। हालांकि राज्य में पिछले दिनों कई मुस्लिम मस्जिदों में नमाज करते हुए पकड़े गए हैं। जबकि देश में कोरोना लॉकडाउन चल रहा है।
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