हिंदू, सिख और ईसाई ही नहीं बल्कि मुस्लिम अल्पसंख्यकों के लिए किसी ‘जहन्नुम’ से कम नहीं है पाकिस्तान

Published : Sep 01, 2019, 11:25 AM IST
हिंदू, सिख और ईसाई ही नहीं बल्कि मुस्लिम अल्पसंख्यकों के लिए किसी ‘जहन्नुम’ से कम नहीं है पाकिस्तान

सार

पाकिस्तान में रोजाना अल्पसंख्यकों पर जुल्म होते हैं। ये कोई भारत की एजेंसी नहीं बल्कि पाकिस्तान अल्पसंख्यक आयोग की रिपोर्ट कहती है। पाकिस्तान में गैर मुस्लिमों का धर्मांतरण तेजी से हो रहा है। हिंदू लड़कियों को आमतौर पर ज्यादा प्रताड़ित किया जाता है। नाबालिक लड़कियों का अपहरण कर उन्हें मस्जिदों में ले जाया जाता है और वहां उनका धर्मांतरण कर किसी मुस्लिम लड़के से शादी करा दी जाती है। इन लड़कियों को इनके माता पिता को खत्म करने की धमकी दी जाती है। धर्मांतरण में स्थानीय पुलिस भी कट्टरपंथियों का खुलकर साथ देती है और कोर्ट भी धार्मिक भेदभाव कर दोषियों का साथ देता है।

नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपनी इमेज को सुधारने के लिए कभी शिव मंदिर जाने की बात कर पाकिस्तान के हिंदू अल्पसंख्यकों तो कभी करतारपुर साहिब के जरिए सिख अल्पसंख्यकों को लुभाने की कोशिश करते हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के लिए किसी नरक से कम नहीं है। ये केवल गैर मुस्लिम नहीं बल्कि शिया, अहमदिया मुसलमानों के लिए भी जहन्नुम से कम नहीं है।

पाकिस्तान में रोजाना अल्पसंख्यकों पर जुल्म होते हैं। ये कोई भारत की एजेंसी नहीं बल्कि पाकिस्तान अल्पसंख्यक आयोग की रिपोर्ट कहती है। पाकिस्तान में गैर मुस्लिमों का धर्मांतरण तेजी से हो रहा है। हिंदू लड़कियों को आमतौर पर ज्यादा प्रताड़ित किया जाता है। नाबालिक लड़कियों का अपहरण कर उन्हें मस्जिदों में ले जाया जाता है और वहां उनका धर्मांतरण कर किसी मुस्लिम लड़के से शादी करा दी जाती है। इन लड़कियों को इनके माता पिता को खत्म करने की धमकी दी जाती है। धर्मांतरण में स्थानीय पुलिस भी कट्टरपंथियों का खुलकर साथ देती है और कोर्ट भी धार्मिक भेदभाव कर दोषियों का साथ देता है।

पाकिस्तान में ननकाना साहिब में सिख लड़की को अगवा कर उसका धर्मांतरण कर जबरन निकाह करवाने का मामले सुर्खियों में है। इससे पहले दो हिंदू लड़कियों का अपहरण कर जबरन निकाह कराने का मामला भी सामने आया था। यह घटना सिंध के गोटका जिले से रवीना (13) और रीना (15) नाम की दो नाबालिग लड़कियों के अपहरण के कुछ दिन बाद हुई है। दोनों का होली से एक दिन पहले अपहरण हुआ था और उनकी जबरन शादी कर इस्लाम कबूल करवाया गया। वहीं दिसंबर 2017 में क्वेटा के एक चर्च पर हुए हमले में नौ लोग मारे गए और 57 घायल हुए।

इमरान खान करतारपुर वार्ता के जरिए पाकिस्तान में सिखों पर हो रहे  अत्याचार के अपने असली चेहरे को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं तो वहीं सिंध में स्थित प्राचीन शिवमंदिर का दर्शन करने की बात कर हिंदूओं विश्व बिरादरी को ये बताने की कोशिश कर रहे हैं कि वह अल्पसंख्यकों के हितैशी हैं। लेकिन कश्मीर पर राग अलापने वाला पाकिस्तान दुनिया के सामने कई बार अल्पसंख्यकों के मामले में बेनकाब हो चुका है।

पाकिस्तान में केवल गैर मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर ही नहीं बल्कि मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं। वहां पर हजरा शिया हों या अहमदी या ईसाई सभी के खिलाफ हिंसात्मक वारदातें हो रही हैं। शिया मुस्लिमों की मस्जिदों को अकसर पाकिस्तान में निशाना बनाया जाता है। हिंदू और सिखों की बात करना तो बेइमानी है। पाकिस्तान में कट्टरपंथी मुल्ला और मिलिट्री है और इमरान खान सरकार आने के बाद वहां पर अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़ा है। एक सामाजिक संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में गैर मुस्लिम अपने त्योहारों को नहीं मना पाते हैं।

कितने फीसदी हैं अल्पसंख्यक

मुस्लिम देश पाकिस्तान में 96 फीसदी मुस्लिम आबादी है जबकि महज चार फीसदी अल्पसंख्यक हैं। इसमें सबसे ज्यादा आबादी हिंदूओं की यहां पर करीब 1.60 फीसदी आबादी हिंदूओं की है। जबकि सिख और ईसाई और अन्य धर्म के लोगों की संख्या भी दो फीसदी है।

PREV

MyNation Hindi पर पाएं आज की ताजा खबरें (Aaj Ki Taza Khabar)। यहां आपको राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ब्रेकिंग न्यूज़ और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं की तुरंत और भरोसेमंद जानकारी मिलती है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और टेक सहित हर बड़ी खबर पर रहें अपडेट—तेज, सटीक और आसान भाषा में।

Recommended Stories

NIF Global Surat में भारतीय हस्तशिल्प का शानदार जलवा, छात्र डिजाइनरों ने रैंप पर दिखाया परंपरा और ट्रेंड का संगम
Pride of Gujarat Award 2026: Ajay's Café ने जीता 'लीडिंग कैफे चेन ऑफ द ईयर' अवॉर्ड, CM भूपेंद्र पटेल ने दिया सम्मान