जब हो रहा था ‘सर्जिकल स्ट्राइक 2’ तब वॉर रुम में थे पीएम मोदी, सभी मंत्रियों को दिल्ली में ही रहने का दिया गया आदेश

Anindya Banerjee |  
Published : Feb 26, 2019, 04:15 PM ISTUpdated : Feb 26, 2019, 04:16 PM IST
जब हो रहा था ‘सर्जिकल स्ट्राइक 2’ तब वॉर रुम में थे पीएम मोदी, सभी मंत्रियों को दिल्ली में ही रहने का दिया गया आदेश

सार

सरकार की तरफ से बड़े सूत्रों ने जानकारी दी है कि जिस समय भारतीय वायुसेना पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई कर रही थी, उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वॉर रुम में मौजूद थे। 

आज भोर में जब देश के ज्यादातर लोग नींद में डूबे हुए थे, उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वॉर रुम में बैठकर अपने जवानों की कार्रवाई पर निगरानी रखे हुए थे। 
क्योंकि ठीक इसी समय हमारे वायुसेना के दिलेर जवान पाकिस्तान के बालाकोट के आतंकवादी कैंपों पर कहर बरपा रहे थे। मोदी सरकार के सभी वरिष्ठ मंत्रियों को दिल्ली में उपस्थित रहने और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का आदेश दिया गया। 


विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जिन्हें पहले से तय कार्यक्रम के तहत चीन में होना था, वह दिल्ली में हैं। उनकी बैठक चीन के स्टेट काउंसिलर और विदेश मंत्री वांग यी के साथ बुधवार को थी।  चीन में शंघाई से 130 कि.मी. दूर वुझेन में रुस भारत चीन(आरआईसी) की त्रिपक्षीय बैठक थी। लेकिन लगता है यह स्थगित हो जाएगी।

सुषमा स्वराज वहां जाने की बजाए पीएम मोदी द्वारा बुलाई गई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमिटी की इमरजेन्सी बैठक में हिस्सा लिया। सुषमा शाम मंगलवार को शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक में इस बात की जानकारी देंगी कि पुलवामा में हुए आतंकी हमलों के बाद भारत ने इसका बदला लेने के लिए कौन से कदम उठाए। 

ऐसी ही एक सर्वदलीय बैठक हमले के तुरंत बाद बुलाई गई। जिसका उद्देश्य यह था कि भारतीय राजनीति के स्वरों में किसी तरह का मतभेद नहीं दिखे। 


केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को मंगलवार को तीन बजे एक बैठक में जाना था, लेकिन यह कैंसिल हो गई। वह 7 लोककल्याण मार्ग पर स्थित पीएम के आवास पर सीसीएस की आपात बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे। 

राजनाथ सिंह से कहा गया कि भारत द्वारा बदले की कार्रवाई के बाद कश्मीर के कुछ हिस्सों में उठने वाले विरोध के स्वरों पर विशेष तौर पर नजर बनाए रखें। 

शुक्रवार की रात अर्द्धसैनिक बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियां घाटी में भेजी गईं। लेकिन अर्द्धरात्रि को उठाया गया यह एहतियाती कदम कश्मीर में कानून और व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए था। जिसके सर्जिकल स्ट्राइक 2 के बाद जिसके बिगड़ने की बड़ी आशंका थी।  

भारत सरकार के सभी वरिष्ठ मंत्रियों को अपनी सभी कार्यक्रमों को कैंसिल करके नई दिल्ली में उनके संबंधित मंत्रालयों में उपस्थित रहने के लिए कहा गया। यह निर्देश सीधा प्रधानमंत्री की तरफ से आया था। 


इस बीच प्रधानमंत्री के कार्यालय ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडु को भारत के प्रतिशोधी कार्रवाई की जानकारी दी। जिसके तहत भारतीय वायुसेना ने एक पहाड़ी पर स्थित जैश ए मोहम्मद के ठिकाने को तबाह कर दिया। 


लेकिन प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में कोई बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने पूर्वनियोजित योजना के तहत राजस्थान के चुरु में अपनी चुनावी रैली को संबोधित किया। हालांकि वहां पीएम ने बालाकोट में हुए हमले का सीधे तौर पर संकेत देते हुए लोगों से कहा ‘मैं चुरु से देश के लोगों को आश्वस्त करता हूं कि राष्ट्र सुरक्षित हाथों में है।’ जिसपर जनता ने तालियों की गड़गड़ाहट से आसमान गुंजा दिया। 
मंगलवार के दिन प्रधानमंत्री के पास बहुत काम था। लेकिन रात को उनकी व्यस्तता दिन से भी ज्यादा थी। दिन में पीएम ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया, मीडिया कॉन्क्लेव में हिस्सा लिया। लेकिन सरकार के अंदरुनी सूत्रों ने जानकारी दी कि दिन भर सारे काम करने के बाद प्रधानमंत्री स्वयं उस नियंत्रण कक्ष(वॉर रुम) में मौजूद थे। जहां से पाकिस्तान के अंदर घुसकर किए गए हमले की पल पल की जानकारियां इकट्ठी की जा रही थीं और आदेश जारी किए जा रहे थेI

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