बैंकों के 10 लाख कर्मचारी आज रहेंगे हड़ताल पर, प्रभावित हो सकता है कामकाज

Published : Dec 26, 2018, 09:30 AM IST
बैंकों के 10 लाख कर्मचारी आज रहेंगे हड़ताल पर, प्रभावित हो सकता है कामकाज

सार

पिछले करीब एक हफ्ते में देश की बैंकिंग सेवा काफी प्रभावित रही है। 5 दिनों में से एक बार बैंक खुलने के बाद आज फिर देश के बैंक बंद रहेंगे। कुल नौ बैंक यूनियन ने आज हड़ताल बुलाई है, ऐसे में इस हड़ताल से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना कर पड़ सकता है। 

नई दिल्ली—देश भर के सरकारी बैंकों के कर्मचारी आज हड़ताल पर है। सरकारी बैंकों में बुधवार को होने वाली इस हड़ताल से देश भर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बैंक कर्मचारी संगठनों ने विजया बैंक और देना बैंक के बैंक ऑफ बड़ौदा में प्रस्तावित विलय और वेतन संबंधी समझौते में देरी के विरोध में देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।

एक सप्ताह से कम समय में बैंकों में यह दूसरी हड़ताल है। पिछले करीब एक हफ्ते में देश की बैंकिंग सेवा काफी प्रभावित रही है। 5 दिनों में से एक बार बैंक खुलने के बाद आज फिर देश के बैंक बंद रहेंगे। कुल नौ बैंक यूनियन ने आज हड़ताल बुलाई है, ऐसे में इस हड़ताल से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना कर पड़ सकता है।

इससे पहले 21 से 23 दिसंबर को भी बैंकों ने हड़ताल की थी, उसके बाद 24 दिसंबर को बैंक खुले थे। फिर 25 और 26 को छुट्टी के कारण बैंक बंद रहे थे। देश के करीब 10 लाख बैंक कर्मचारी आज हड़ताल पर रहेंगे।

बुधवार को होने वाली हड़ताल के बारे में ज्यादातर बैंकों ने अपने ग्राहकों को जानकारी दे दी है। सरकारी बैंकों के विपरीत प्राइवेट बैंकों में सेवाएं सामान्य रहेंगी क्योंकि उनके कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं होंगे।

बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के संगठनों के शीर्ष संगठन युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने हड़ताल का आह्वान किया है।

करीब दस लाख कर्मचारियों व अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले फोरम में ऑल इंडिया बैंक ऑफीसर्स कन्फेडरेशन, ऑल इंडिया बैंक इंप्लॉईज एसोसिएशन (एआइबीईए), नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक इंप्लॉईज और नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स समेत नौ संगठन शामिल हैं।

एआइबीईए के महासचिव सीएच वेंकटचलम के अनुसार अतिरिक्त केंद्रीय श्रम आयुक्त द्वारा समझौते के लिए बुलाई गई बैठक में कोई सहमति नहीं बन पाई, इसलिए कर्मचारी संघ बुधवार को हड़ताल पर जाएंगे।

बैठक में न तो सरकार ने और न ही संबंधित बैंकों के प्रबंधन ने विलय टालने का कोई आश्वासन नहीं दिया। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि सरकार बैंकों का आकार बड़ा करना चाहती है।

जबकि देश के सभी सार्वजनिक बैंकों को मिला दिया जाए तो भी हम दुनिया के शीर्ष दस बैंकों में स्थान नहीं बना पाएंगे। सरकार ने सितंबर में बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक और देना बैंक के विलय को मंजूरी दी थी।
 

PREV

MyNation Hindi पर पाएं आज की ताजा खबरें (Aaj Ki Taza Khabar)। यहां आपको राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ब्रेकिंग न्यूज़ और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं की तुरंत और भरोसेमंद जानकारी मिलती है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और टेक सहित हर बड़ी खबर पर रहें अपडेट—तेज, सटीक और आसान भाषा में।

Recommended Stories

Surat News: सार्वजनिक विश्वविद्यालय में ‘समत्वम्’ कार्यक्रम में जेंडर सेंसिटाइजेशन पर जोर, महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल
CR Patil Birthday: सूरत में 5100 बेटियों को 7500 रुपये के चेक, 1.25 लाख विद्यार्थियों को नोटबुक वितरित