श्रीलंका में कट्टरपंथियों पर शिकंजा और कसा, 200 मौलानाओं को देश से निकाला

Published : May 05, 2019, 05:35 PM IST
श्रीलंका में कट्टरपंथियों पर शिकंजा और कसा, 200 मौलानाओं को देश से निकाला

सार

श्रीलंका के गृह मंत्री वाजिरा अभयवर्द्धने ने कहा, मौलाना वैध रूप से देश में आए थे, लेकिन हमलों के बाद हुई सुरक्षा जांच में पाया गया कि वीजा खत्म होने के बावजूद देश में रह रहे थे। जुर्माना लगाकर उन्हें देश से निष्कासित कर दिया गया है।

श्रीलंका में ईस्टर के दिन हुए आत्मघाती बम धमाकों के बाद कट्टरपंथियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। श्रीलंका सरकार ने देश में बुर्के पर प्रतिबंध समेत कई बड़े कदम उठाए हैं। श्रीलंका अब तक 200 मौलानाओं समेत 600 से ज्यादा विदेशी नागरिकों को निष्कासित कर चुका है। 

श्रीलंका के गृह मंत्री वाजिरा अभयवर्द्धने ने कहा कि मौलाना वैध रूप से देश में आए थे, लेकिन हमलों के बाद हुई सुरक्षा जांच में पाया गया कि वह वीजा खत्म होने के बावजूद देश में रह रहे थे। इसके लिये उन पर जुर्माना लगाकर देश से निष्कासित कर दिया गया। 

अभयवर्द्धने ने कहा, 'देश में सुरक्षा की ताजा स्थिति को ध्यान में रखते हुए हमने वीजा प्रणाली की समीक्षा की और धार्मिक शिक्षकों के लिए वीजा प्रतिबंध को कड़ा करने का निर्णय लिया।' उन्होंने कहा, 'निष्कासित किए गए लोगों में 200 मौलाना हैं।'    

श्रीलंका में 21 अप्रैल को ईस्टर के मौके पर हुए बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी और 500 से ज्यादा घायल हो गए थे। इन हमलों को स्थानीय मौलाना ने अंजाम दिया था, जिसने हमले से पहले पड़ोसी देश भारत का दौरा कर जिहादियों से संपर्क बनाए थे। हमले की जिम्मेदारी एक स्थानीय जिहादी समूह ने ली थी।

तमाम ऐहतियात बरतने के बाद भी श्रीलंका में आतंकी हमलों का खतरा कम नहीं हुआ है। खुफिया एजेंसियों ने संभावित आतंकवादी हमलों के बारे में सूचना मिलने के बाद अगले कुछ हफ्तों में देश के शीर्ष नेताओं को सतर्कता बरतने को कहा है। देश के शीर्ष नेतृत्व को एक साथ यात्रा नहीं करने की चेतावनी दी है। 

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना, प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे और विपक्ष के नेता महिंदा राजपक्षे उन नेताओं में शामिल हैं जिन्हें सचेत रहने की सलाह दी गई है। श्रीलंका के तीन गिरजाघरों और होटलों में सिलसिलेवार बम विस्फोटों के बाद द्वीपीय देश में सुरक्षा प्रबंधों को बढ़ाए जाने के तहत यह कदम उठाया गया है। 

यह भी पढ़ें - श्रीलंका की तर्ज पर केरल में आत्मघाती हमला करने की थी साजिश, एनआईए ने किया खुलासा

‘डेली मिरर’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, राजनीतिक नेताओं को कार्यक्रमों, विशेषकर गिरजाघरों, मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थानों पर होने वाले आयोजनों में शामिल होने से बचने के लिए कहा है। उन्हें सलाह दी गई है कि किसी भी स्थान पर जाने के लिए हेलीकॉप्टरों का उपयोग करें जहां उनकी उपस्थिति अपरिहार्य है।

इस बीच , पश्चिमी विकास मंत्री पाटली चंपिका रानवाका ने श्रीलंका सरकार को उन 800 विदेशी इस्लामिक मौलवियों को निर्वासित करने के लिए कहा है, जो देशभर के विभिन्न मदरसों में धार्मिक शिक्षण में लगे हुए थे। डेली मिरर ने मंत्री के हवाले से कहा, ‘मैं सरकार से उन्हें तुरंत निर्वासित करने का आग्रह करता हूं।’ 

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