
नेशनल डेस्क। लोकसभा चुनाव से पहले देशभर में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने किसी भी तरह से सीएए पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। साथ ही सरकार से 3 हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अप्रैल की तारीख दी गई है।
CAA पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि 236 याचिकाओं में से कई पर नोटिस जारी किया है। हम बाकी पर भी नोटिस जारी कर देते हैं। वहीं दूसरी ओर केंद्र की तरफ से पेश हुए सॉलिस्टर जनरल ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए 4 हफ्तों का समय मांगा था हालांकि कोर्ट ने केवल 3 हफ्तों का वक्त दिया है।
कपिल सिब्बल ने किया विरोध
केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए अदालत की ओर से दिए गए तीन हफ्तों का समय का याचिकाकर्ता में से एक की तरफ से पेश वकील कपिल सिब्बल ने विरोध दर्ज किया। उन्होंने दलील देते हुए कहा कि नागरिकता संसोधन कानून को 4 साल बीत गए हैं,अगर एक बार लोगों को नागरिकता मिल गई तो उसे वापस पलटना मु्श्किल होगा। कहा कि हम समय देने के विरोध में नहीं है लेकिन मोदी सरकार को 4 बाद ऐसी क्या अर्जेंसी आन पड़ी की अचानक से CAA लागू कर दिया गटया। उन्होंने कोर्ट से नोटिफिकेशन पर रोक लगाने की मांग की हालांकि कोर्ट ने इससे इन्कार कर दिया।
SC में CAA के खिलाफ दायर 200 से ज्यादा याचिकाएं
गौरतलब है, नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 200 से अधिक याचिकाएं दायर की गई हैं। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़,जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की तीन न्यायाधीक्ष पीठ मामले की सुनवाई कर रही है।
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