ये है इमरान खान के नए पाकिस्तान के एक साल का आर्थिक रिपोर्ट कार्ड, गरीबी से कंगाली की तरफ बढ़ा ना ‘पाक’

Published : Aug 19, 2019, 09:43 AM ISTUpdated : Aug 19, 2019, 10:01 AM IST
ये है इमरान खान के नए पाकिस्तान के एक साल का आर्थिक रिपोर्ट कार्ड, गरीबी से कंगाली की तरफ बढ़ा ना ‘पाक’

सार

तकरीक-ए-पाकिस्तान एक साल पहले नए पाकिस्तान के नारे के साथ सत्ता में आई थी। लेकिन ये नया पाकिस्तान अब दस साल पीछे चला गया है। आर्थिक तौर पर पिछड़ रहे पाकिस्तान की जनता नाराज है। लेकिन इमरान खान आर्थिक तौर पर पिछड़े इस पाकिस्तान को नया पाकिस्तान बता रहे हैं।

नई दिल्ली। पाकिस्तान की इमरान खान सरकार के एक साल पूरे हो गए हैं। इस एक साल में पाकिस्तान की स्थित बद से बदतर हो गई है। गरीब पाकिस्तान कंगाल हो गया है। इमरान खान की पार्टी तकरीक-ए-पाकिस्तान एक साल पहले नए पाकिस्तान के नारे के साथ सत्ता में आई थी। लेकिन ये नया पाकिस्तान अब दस साल पीछे चला गया है। आर्थिक तौर पर पिछड़ रहे पाकिस्तान की जनता नाराज है। लेकिन इमरान खान आर्थिक तौर पर पिछड़े इस पाकिस्तान को नया पाकिस्तान बता रहे हैं।

जानकारों के मुताबिक इमरान की अगुवाई में पीटीआई सरकार का पहला साल उपभोक्ताओं के लिए मुश्किल भरा रहा क्योंकि इस दौरान रोजमर्रा की वस्तुओं में लगातार इजाफा हुआ है। खाद्य उत्पाद, पेट्रोलियम, सीएनजी और एलपीजी की दरों में लगातार इजाफा हुआ। डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये में गिरावट आई। वहीं  बिजली, पानी की कीमतों वृद्धि हुई। 

गिरता गया पाकिस्तानी रुपया

पाकिस्तानी रुपये में लगातार गिरावट दर्ज की गयी। जिसके कारण लागत कीमतों में इजाफा हुआ। पाकिस्तान ज्यादातर वस्तुएं विदेशों से आयात करता है। लिहाजा पाकिस्तान रुपये का मूल्य गिरने से वस्तुओं की कीमतों में इजाफा हुआ। पिछले साल अगस्त में डॉलर का मूल्य रु 123 रुपये प्रति डालर था वो इस साल 158 हो गया है।

महंगाई दर में इजाफा

पाकिस्तान की जनता इमरान खान की सरकार बनने के त्राहीमाम कर रही है। लेकिन इमरान पाकिस्तान की जनता नए पाकिस्तान का सब्जबाग दिखा रहे हैं। पाकिस्तान की हालत पहले से ही खराब थी लेकिन इमरान खान की सरकार के बनने के बाद महंगाई दर में तेजी से इजाफा हुआ है।

इमरान की सरकार बनने के बाद पाकिस्तान में मौजूदा महंगाई दर 10.3 फीसदी है वहीं ये 8.9 फीसदी और पिछले साल जुलाई में 5.8 फीसदी थी। पाकिस्तान में भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की महंगाई दर में काफी इजाफा हुआ है। क्योंकि पाकिस्तान ने कई भारतीय वस्तुओं पर प्रतिबंध लगा दिया था और ये उत्पाद पाकिस्तान में और ज्यादा महंगे हो।

आग लगी है पेट्रोल और डीजल की कीमतों में

पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में आग लगी है। इमरान खान के पाकिस्तान में लोग अब गाड़ियों से ज्यादा खच्चर और गधे की सवारी करना पसंद कर रहे हैं। इमरान सरकार के आने वक्त पिछले साल पेट्रोल और डीजल, जो कि 95.24 रुपये और 112.94 प्रति लीटर थी।

जो अब बढ़कर 117.83 और 132.47 प्रति लीटर हो गई हैं। वहीं सीएनजी की कीमत 81.70 थी वहीं अब ये बढ़कर 123 प्रति किग्रा हो गई है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ोत्तरी का असर पाकिस्तान के कार उद्योग पर पड़ा है। कई कार निर्माता कंपनियों ने प्लांट को एक महीने से बंद किया है क्योंकि देश में कारों की बिक्री बंद हो गई है।

दालों कीमतों में आया इजाफा

पाकिस्तान में पिछले साल चना दाल 95 रुपये प्रति किलोग्राम,  मूंग 90, मसूर 80 और अरहर की कीमतें 130 के मुकाबले इस महीने चना 140-160, मूंग 160-170, मसूर 130 और अरहर 180 हो गई हैं। महज एक साल में चावल की कीमतों में 10 से 20 रुपये का इजाफा हुआ है।

वहीं घी और कुकिंग ऑयल की कीमतों में  20 से 30 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं चीनी कीमतों में भी 20 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है। जो पहले 55 रुपये प्रति किलोग्राम थी वह अब बढ़कर 65 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। इसके साथ ही दूध की कीमत 100-120 प्रति लीटर हो गई है जबकि ये पिछले साल  94 रुपये थी।

बिजली हुई महंगी, किसान हुए परेशान

पाकिस्तान में इमरान सरकार ने बिजली की कीमतों में इजाफा कर से 12 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 14 रुपये कर दिया है। वहीं यूरिया की कीमतों में प्रति बैग 200 रुपये का इजाफा हुआ है। पहले जहां पहले यूरिया का बैग 1650 रुपये था वहीं अब ये बढ़कर 1,850 रुपये हो गया है। 

गोश्त और चिकन हुआ थाली से गायब

पाकिस्तान में मौजूदा समय में मटन की कीमत 1,100-1,200 के आसपास है। वहीं एक साल पहले ये 950-1,000 प्रति किग्रा आसानी से बिक रहा था।

पाकिस्तान के सबसे बड़े मीडिया हाउस डान में प्रकाशित मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक कराची रिटेल ग्रॉसर्स ग्रुप के महासचिव फरीद कुरैशी ने बताया कि पिछले एक साल के दौरान कारोबार में क्रेडिट का चलन काफी बढ़ा है। स्थानीय व्यापारी थोक व्यापारियों से उधार पर समान ले जाते हैं और फिर इसे ग्राहक को देते हैं।

अब गली मोहल्लों में चलने वाली दुकानों में क्रेडिट का चलन तेजी से बढ़ गया है। उनका कहना है कि देश में महंगाई से हाल बुरा है। अब लोग एक किलो अनाज के बदले 250 ग्राम ले जा रहे हैं। क्योंकि बेरोजगारी भी बढ़ी और उद्योग धंधे बंद हो गए हैं। ऊपर से सरकार ने नए टैक्स लागू कर दिए हैं।

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