प्रयागराज में वीएचपी की धर्म संसद आज से, आरएसएस प्रमुख भागवत भी करेंगे शिरकत

Published : Jan 31, 2019, 10:01 AM IST
प्रयागराज में वीएचपी की धर्म संसद आज से, आरएसएस प्रमुख भागवत भी करेंगे शिरकत

सार

आज होने वाली वीएचपी की धर्म संसद में राम मंदिर को लेकर वर्तमान स्थिति, केंद्र सरकार का मंदिर को लेकर रुख, सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मामले जैसे विषय शामिल किए जाएंगे। शाम को प्रस्ताव लाया जाएगा, अखाड़ा परिषद ने इस बैठक का बॉयकाट किया है।

प्रयागराज—प्रयागराज में चल रहे कुंभ मेले के बीच आज से आज से प्रयागराज में वीएचपी की धर्म संसद शुरू हो रही है। दो दिन चलने वाली धर्म संसद कुंभ मेले में लगे वीएचपी कैंप में ही होगी। पहले दिन का एजेंडा फ़िलहाल तय नहीं है लेकिन वीएचपी का कहना है कि मुख्य मुद्दा राम मंदिर निर्माण का है। इसमें राम मंदिर को लेकर मौजूदा हालात, केंद्र सरकार का मंदिर को लेकर रुख, सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मामला जैसे मुद्दे शामिल हैं।

वीएचपी की तरफ से आयोजित धर्म संसद में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास महाराज, राम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ राम विलास वेदांती, वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष वीएस कोकजे, बाबा रामदेव, यूपी सरकार की तरफ से उप-मुख्यमंत्री केशव मौर्या भी शामिल होंगे।

आज होने वाली वीएचपी की धर्म संसद में राम मंदिर को लेकर वर्तमान स्थिति, केंद्र सरकार का मंदिर को लेकर रुख, सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मामले जैसे विषय शामिल किए जाएंगे। शाम को प्रस्ताव लाया जाएगा, अखाड़ा परिषद ने इस बैठक का बॉयकाट किया है।

इससे पहले शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की धर्म संसद का आयोजन किया गया था। शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की बुलाई धर्म संसद में प्रस्ताव पास हुआ कि 21 फरवरी से अयोध्या में राम मंदिर का काम शुरू हो जाएगा। धर्म संसद में नन्दा, जया, भद्रा, पूर्णा नाम की 4 शिलाएं शंकराचार्य को सौंपी गई, यही शिलाएं लेकर अयोध्या पहुंचने के लिए हिंदुओं से आह्वान किया गया है।

कुंभ में शंकराचार्य की धर्म संसद तीन दिन चली और कल आखिरी दिन राम मंदिर पर प्रस्ताव पास हुआ। 10 फरवरी के बाद साधु संत अयोध्या के लिए कूच करेंगे। इतना ही नहीं धर्म संसद में यह भी कहा गया है कि 21 फरवरी से राम मंदिर बनने तक सविनय अवज्ञा आंदोलन किया जाएगा और अगर इस बीच कोई रोकता है तो साधु संत गोली खाने के लिए भी तैयार हैं।

प्रयागराज कुंभ में धर्म संसद पर विवाद भी शुरू हो गया है। राम जन्मभूमि विवाद में पक्षकार महंत धर्मदास ने शकंराचार्य को कांग्रेस का महात्मा बताया है। धर्मदास ने शंकराचार्य पर बीजेपी और वीएचपी को बदनाम करने का आरोप लगाया।
 

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