चक्रवात फानी से सुरक्षित ओडिशा के 4 विधानसभा चुनाव के ईवीएम

First Published 3, May 2019, 5:01 PM IST

चुनाव आयोग ने ओडिशा में आए चक्रवात फानी को देखते हुए जहां समय से पहले राज्य के कुछ इलाकों में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट हटा लिया था वहीं चक्रवात से प्रभावित चार विधानसभा क्षेत्रों में रखे गए ईवीएम को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा लिया है।

चुनाव आयोग ने ओडिशा में आए चक्रवात फानी को देखते हुए जहां समय से पहले राज्य के कुछ इलाकों में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट हटा लिया था वहीं चक्रवात से प्रभावित चार विधानसभा क्षेत्रों में रखे गए ईवीएम को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा लिया है।

चुनाव आयोग ने ओडिशा में आए चक्रवात फानी को देखते हुए जहां समय से पहले राज्य के कुछ इलाकों में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट हटा लिया था वहीं चक्रवात से प्रभावित चार विधानसभा क्षेत्रों में रखे गए ईवीएम को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा लिया है।

चुनाव आयोग ने ओडिशा में आए चक्रवात फानी को देखते हुए जहां समय से पहले राज्य के कुछ इलाकों में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट हटा लिया था वहीं चक्रवात से प्रभावित चार विधानसभा क्षेत्रों में रखे गए ईवीएम को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा लिया है।

चुनाव आयोग ने ओडिशा में आए चक्रवात फानी को देखते हुए जहां समय से पहले राज्य के कुछ इलाकों में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट हटा लिया था वहीं चक्रवात से प्रभावित चार विधानसभा क्षेत्रों में रखे गए ईवीएम को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा लिया है।

खतरनाक चक्रवाती तूफान फानी शुक्रवार सुबह 8 बजे पुरी के दक्षिण में तटीय इलाके को छुआ। राज्य के तटीय इलाकों में लगभग दो घंटे तक चक्रवात फानी का आतंक जारी रहा।

खतरनाक चक्रवाती तूफान फानी शुक्रवार सुबह 8 बजे पुरी के दक्षिण में तटीय इलाके को छुआ। राज्य के तटीय इलाकों में लगभग दो घंटे तक चक्रवात फानी का आतंक जारी रहा।

मौसम विभाग की पहले के बाद बीते दो दिनों के दौरान राज्य के तटीय इलाकों के 15 जिलों से लगभग 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का काम किया गया।

मौसम विभाग की पहले के बाद बीते दो दिनों के दौरान राज्य के तटीय इलाकों के 15 जिलों से लगभग 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का काम किया गया।

इस खतरनाक तूफान के असर से राजधानी बुरी तरह प्रभावित रही। तूफान के दौरान गवर्नर निवास राजभवन, राज्य विधानसभा और कई विभागों के कार्यालयों तक जाने का रास्ता पूरी तरह ठप पड़ गया। इन इलाकों में बड़ी संख्या में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा।

इस खतरनाक तूफान के असर से राजधानी बुरी तरह प्रभावित रही। तूफान के दौरान गवर्नर निवास राजभवन, राज्य विधानसभा और कई विभागों के कार्यालयों तक जाने का रास्ता पूरी तरह ठप पड़ गया। इन इलाकों में बड़ी संख्या में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा।

हालांकि केन्द्रीय एजेंसियों के साथ स्थानीय फोर्स ने तूफान शांत होते ही राहत काम शुरू कर दिया। शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में यातायात बाधित कर रहे पेड़ों को हटाने के काम को तरजीह दी गई।

हालांकि केन्द्रीय एजेंसियों के साथ स्थानीय फोर्स ने तूफान शांत होते ही राहत काम शुरू कर दिया। शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में यातायात बाधित कर रहे पेड़ों को हटाने के काम को तरजीह दी गई।

ओडिशा पुलिस समेत कई संस्थाओं ने इस दौरान तूफान से प्रभावित लोगों के लिए खाना पकाने का भी काम कई जगह किया। तूफान से बचाने के लिए बनाए गए शेल्टर में हजारों लोगों के लिए खाना तैयार किया गया।

ओडिशा पुलिस समेत कई संस्थाओं ने इस दौरान तूफान से प्रभावित लोगों के लिए खाना पकाने का भी काम कई जगह किया। तूफान से बचाने के लिए बनाए गए शेल्टर में हजारों लोगों के लिए खाना तैयार किया गया।

गौरतलब है कि तीन दो दिनों के अंदर राज्य के तटीय क्षेत्रों से 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस काम के लिए पुलिस बल ने विशेष तौर पर दूरदराज के निचले इलाकों तक पहुंचने की मुहिम चालाई और लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का काम किया।

गौरतलब है कि तीन दो दिनों के अंदर राज्य के तटीय क्षेत्रों से 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस काम के लिए पुलिस बल ने विशेष तौर पर दूरदराज के निचले इलाकों तक पहुंचने की मुहिम चालाई और लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का काम किया।

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