कुछ इस तरह मां हीराबेन का आशीर्वाद लेने पहुंचे पीएम

First Published 23, Apr 2019, 11:51 AM

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माताजी हीराबेन वयोवृद्ध हैं। अपने बड़े बेटे पीएम मोदी को लेकर उनका प्रेम अप्रतिम है। प्रधानमंत्री अक्सर उनका आशीर्वाद लेने घर पहुंचते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माताजी हीराबेन वयोवृद्ध हैं। अपने बड़े बेटे पीएम मोदी को लेकर उनका प्रेम अप्रतिम है। प्रधानमंत्री अक्सर उनका आशीर्वाद लेने घर पहुंचते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माताजी हीराबेन वयोवृद्ध हैं। अपने बड़े बेटे पीएम मोदी को लेकर उनका प्रेम अप्रतिम है। प्रधानमंत्री अक्सर उनका आशीर्वाद लेने घर पहुंचते हैं।

उन्होंने मां हीराबेन के चरण स्पर्श किए।

उन्होंने मां हीराबेन के चरण स्पर्श किए।

इस बार पीएम मोदी तीसरे चरण के लिए वोट डालने गुजरात के गांधीनगर पहुंचे। उन्होंने अहमदाबाद के रानीप में अपना वोट डाला। लेकिन इससे पहले प्रधानमंत्री अपनी माताजी का आशीर्वाद लेने पहुंचे।

इस बार पीएम मोदी तीसरे चरण के लिए वोट डालने गुजरात के गांधीनगर पहुंचे। उन्होंने अहमदाबाद के रानीप में अपना वोट डाला। लेकिन इससे पहले प्रधानमंत्री अपनी माताजी का आशीर्वाद लेने पहुंचे।

यह तस्वीरें गवाह हैं कि दोनों मां-बेटे के के बीच का प्रेम कितना गहरा है।

यह तस्वीरें गवाह हैं कि दोनों मां-बेटे के के बीच का प्रेम कितना गहरा है।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने अपनी माताजी से उनके स्वास्थ्य और घर के हाल चाल की जानकारी भी ली।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने अपनी माताजी से उनके स्वास्थ्य और घर के हाल चाल की जानकारी भी ली।

इस मुलाकात में मां हीराबेन ने पीएम मोदी को पावागढ़ के जगदंबा के मंदिर की चुनरी भेंट की।

इस मुलाकात में मां हीराबेन ने पीएम मोदी को पावागढ़ के जगदंबा के मंदिर की चुनरी भेंट की।

माता के हाथ से मिली जगदंबा की चुनरी पाकर पीएम ने उसे सर माथे लगाया।

माता के हाथ से मिली जगदंबा की चुनरी पाकर पीएम ने उसे सर माथे लगाया।

मां ने देश के प्रधान सेवक अपने बेटे का मुंह भी मीठा कराया।

मां ने देश के प्रधान सेवक अपने बेटे का मुंह भी मीठा कराया।

हीराबेन ने पीएम को जगदंबा के आशीर्वाद स्वरुप उनका चढ़ावा नारियल भी दिया।

हीराबेन ने पीएम को जगदंबा के आशीर्वाद स्वरुप उनका चढ़ावा नारियल भी दिया।

प्रधानमंत्री को देश के करोड़ों लोगों का स्नेह मिलता है। लेकिन वह सब मिलकर भी उनकी माता के प्रेम की बराबरी नहीं कर सकता है।

प्रधानमंत्री को देश के करोड़ों लोगों का स्नेह मिलता है। लेकिन वह सब मिलकर भी उनकी माता के प्रेम की बराबरी नहीं कर सकता है।

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