नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के दिल्ली स्थित आवास समेत 30 ठिकानों पर 22 फरवरी को सीबीआई ने छापा मारा। सीबीआई का यह रेड कीरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में करेक्शन की शिकायत को लेकर की गई है। पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक ने कहा था कि इस हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की दो फाइलें क्लियर करने के लिए उन्हें 300 करोड़ रुपए की रिश्वत की पेशकश की गई थी। इससे पहले कीरु हाइड्रोक्लोराइड इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को लेकर 6 जुलाई 2022 में भी देशभर के 16 स्थान पर सीबीआई ने छापेमारी की थी।
 

पूर्व गवर्नर ने कहा किसान का बेटा हूं, छापों से घबराऊँगा नहीं
सीबीआई के छापेमारी पर पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक ने अपने एक्स सैंडल पर ट्वीट किया है कि पिछले तीन-चार दिनों से मैं बीमार हूं और अस्पताल में भर्ती हूं। इसके बावजूद मेरे मकान में तानाशाह द्वारा सरकारी एजेंसियों से छपी डलवाए जा रहे हैं। मेरे ड्राइवर, मेरे सहायक के ऊपर भी छापे मारकर उनको बेवजह परेशान किया जा रहा है। मैं किसान का बेटा हूं। इन छापो से घबराऊंगा नहीं, मैं किसानों के साथ हूं- सत्यपाल मलिक, पूर्व गवर्नर।
 

राजस्थान में किया था 300 करोड़ रिश्वत ऑफर होने का दावा
पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक ने 17 अक्टूबर 2021 को राजस्थान के झुंझुनू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि जब वह जम्मू कश्मीर के राज्यपाल थे, तब उन्हें करोड़ों रुपए की रिश्वत ऑफर हुई थी। उन्होंने कहा था कि यह ऑफर भाजपा और महबूबा मुफ्ती की गठबंधन सरकार में मंत्री रहे एक व्यक्ति और एक बड़े उद्योगपति की तरफ से दिया गया था। दो फाइलें थी, दोनों में तकरीबन 300 करोड रुपए की रिश्वत ऑफर की गई थी। उन्होंने कहा था कि उनके सचिवों ने उन्हें बताया था कि इनमें घोटाला है। इसके बाद उन्होंने दोनों फाइलों की डील रद्द कर दी थी। सत्यपाल मलिक ने उस वक्त कहा था कि मैं पांच कुर्ते पजामे के साथ आया हूं और सिर्फ उसी के साथ यहां से चला जाऊंगा। जब सीबीआई पूछेगी तो मैं ऑफर देने वालों के नाम भी बता दूंगा।
 

सीबीआई ने दर्ज की है दो एफआईआर
इसके बाद सीबीआई ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की थी। पहला मुकदमा करीब 60 करोड रुपए के कॉन्ट्रैक्ट को जारी करने में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है। यह रकम 2017-18 में जम्मू कश्मीर कर्मचारी स्वास्थ्य देखभाल बीमा योजना का ठेका देने के लिए एक इंश्योरेंस कंपनी से रिश्वत के रूप में ली गई थी। दूसरा मुकदमा वर्ष 2019 में एक निजी फॉर्म को कीरु हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के सिविल वर्क के लिए 2200 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट देने में भ्रष्टाचार से जुड़ा है। सीबीआई इन दोनों मामलों की जांच कर रही है।

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