उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस में जुबानी जंग शुरू हो गयी है। कुछ दिन पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस तो गठबंधन में ही और उन्होंने उसके लिए दो सीटें छोड़ी हैं। लेकिन अब कांग्रेस महासचिव और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गठबंधन ने कटाक्ष करते हुए कहा कि वह  गठबंधन के लिए दो से तीन सीटें छोड़ेगे।

सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस रायबरेली और अमेठी के बदले सपा-बसपा गठबंधन के लिए 2-3 सीटें छोड़ेगी। इसे सपा अध्यक्ष पर उनका पलटवार माना जा रहा है। क्योंकि कुछ दिन पहले ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा था कि कांग्रेस के लिए दो सीटं  छोड़ी गयी हैं और वह तो गठबंधन का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद एक ही है कि केंद्र में यूपीए की सरकार बननी चाहिए। सिंधिया ने साफ किया कि आगामी लोकसभा चुनाव को अपने बल पर ही लड़ेगी। अभी किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि एसपी और बीएसपी के रास्ते कांग्रेस से अलग हो सकते हैं, लेकिन उनका लक्ष्य एक है।  गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था। लेकिन दोनों का प्रदर्शन काफी निराशा जनक सपा 47 सीटों पर सिमट गयी तो कांग्रेस को महज 7 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।

उधर सिंधिया ने कहा कि गठबंधन बनाने का फैसला एसपी और बीएसपी किया है यह उनका हक है और कांग्रेस पार्टी इसका सम्मान करती है। गौरतलब है कि यूपी में पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस के महागठबंधन में शामिल होने की अफवाहें हैं। लेकिन कांग्रेस ने अभी इस दावे को खारिज नहीं किया है। लेकिन प्रियंका के आने के बाद सपा बसपा को लगता है कि अगर कांग्रेस इस गठबंधऩ में शामिल होती है तो वह अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।