जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस सरकार पर सियासी संकट बरकरार है। राज्य में कांग्रेस में दो गुट बन गए हैं वहीं राज्य की अशोक गहलोत के एक समर्थक विधायक ने दावा किया है कि अशोक गहलोत गुट में सचिन पायलट के कई करीबी विधायक हैं। हालांकि विधायक ने ये भी दावा किया है कि सचिन पायलट के करीबी विधायक राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को समर्थन देंगे। वहीं बागी गुट ने विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने का फैसला किया है।

राज्य में कांग्रेस में शुरू हुई सत्ता की जंग अभी खत्म नहीं हुई है और पिछले एक महीने से राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार बचाने में लगे हुए हैं। राज्य में 14 अगस्त से विधानसभा का सत्र शुरू होना है और वहीं सीएम गहलोत सरकार बचाने के लिए सभी विधायकों को एकजुट करने में जुटे हैं। इसके लिए गहलोत ने अपने करीबी विधायकों को जैसलमेर के होटलों में रखा है। हालांकि जो खबर आ रही है उसके मुताबिक राज्य सरकार के पास अभी महज 99 ही विधायकों का समर्थन है जबकि सरकार बनाने के लिए 101 विधायकों की जरूरत है। फिलहाल सचिन पायलट और अशोक गहलोत के गुट अपना किला मजबूत करने में लगे हैं।

वहीं इसी बीच गहलोत गुट के एक विधायक ने दावा किया है कि अगर सचिन पायलट उनकी सलाह मानते तो आज उनके पास करीब 40-45 विधायक हो सकते थे। कभी सचिन पायलट गुट का हिस्सा रहे विधायक प्रशांत बैरवा ने दावा किया है कि सचिन पायलट के पास 18 विधायकों की संख्या है और अगर वह उनकी सलाह मानते तो ये संख्या 45 तक पहुंच सकती थी। बैरवा जैसलमेर के सूर्यगढ़ होटल में ही हैं। उन्होंने दावा किया है कि आज भी उनके (सचिन पायलट) कई चाहने वाले गहलोत गुट में हैं। लेकिन इसका अर्थ ये नहीं है कि विधायक वगावत कर उन्हें समर्थन देंगे। उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस को ही वोट करेंगे।


सचिन पायलट गुट लेगा विधानसभा सत्र में हिस्सा

राज्य में राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए 14 अगस्त की तारीख तय की है और ऐसे में दोनों गुट अपने विधायकों को एकजुट रखना चाहते हैं। गहलोत का दावा है कि सचिन पायलट के विधायक कांग्रेस में वापस आना चाहते हैं। वहीं सचिन पायलट ने अभी रणनीति उजागर नहीं की है। वहीं अभी तक कांग्रेस ने भी पायलट को पार्टी से नहीं निकाला है और पार्टी बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है। वहीं सचिन पायलट गुट के विधायकों ने कहा था कि वो सत्र में हिस्सा लेंगे।