चुनाव आयोग की बंगाल में बड़ी कार्रवाई, एक दिन पहले प्रचार रोका; ममता के करीबी अफसर हटाए

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First Published 16, May 2019, 6:57 AM IST
Election Commission Unprecedented Action Invokes Article 324 After Bengal Clashes, ends campaigning day before deadline
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पहली बार संविधान के आर्टिकल 324 का इस्तेमाल। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक राजीव कुमार को केंद्रीय गृहमंत्रालय में अटैच किया। 

लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले बंगाल में हुई हिंसा के मद्देनजर चुनाव आयोग ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए एक दिन पहले ही प्रचार रोकने का आदेश दिया है। बंगाल में प्रचार की अवधि 16 मई को रात दस बजे समाप्त हो जाएगी। पश्चिम बंगाल की नौ लोकसभा सीटों पर 19 मई को मतदान होना है। पहले 17 मई तक प्रचार किया जा सकता था। यह प्रतिबंध राज्य की सभी नौ लोकसभा सीटों पर 19 मई को मतदान पूरा होने तक जारी रहेगा। उप चुनाव आयुक्त चंद्रभूषण कुमार ने बताया कि देश के इतिहास में यह संभवत: पहला मौका है जब आयोग को चुनावी हिंसा के चलते निर्धारित अवधि से पहले चुनाव प्रचार प्रतिबंधित करना पड़ रहा है। 

राजीव कुमार दिल्ली अटैच, गृह सचिव हटाए

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में तैनात प्रशासनिक सेवा और पुलिस सेवा के दो अधिकारियों को भी सेवामुक्त कर चुनाव प्रक्रिया से दूर रहने का आदेश दिया है। बंगाल की खुफिया शाखा (सीआईडी) के अतिरिक्त महानिदेशक राजीव कुमार को सेवा मुक्त कर केंद्रीय गृह मंत्रालय से अटैच कर दिया गया है। उन्हें 16 मई को सुबह दस बजे तक मंत्रालय को रिपोर्ट करने को कहा गया है। साथ ही राज्य के गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य को भी सेवामुक्त कर दिया गया है। उनका प्रभार राज्य के मुख्य सचिव को सौंपने का आदेश दिया गया है। आयोग ने राज्य में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अजय नायक को विशेष पर्यवेक्षक और रिटायर्ड आईपीएस विवेक दुबे को विशेष पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया है। 

कोलकाता में हिंसा के बाद हुई ऐतिहासिक कार्रवाई

आयोग ने मंगलवार को कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ हुई हिंसक झड़प की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है। चंद्रभूषण कुमार ने साफ किया कि मंगलवार को हुयी हिंसक झड़प के दौरान समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़े जाने के बाद राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चुनाव आयोग ने गंभीर नाराजगी प्रकट करते हुए प्रचार अभियान को समय से पहले रोकने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘यह संभवत: पहला मौका जब आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत इस तरह की कार्रवाई करनी पड़ी हो।’ 

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सीएम ममता भन्नाई, प्रचार रोकने को मोदी गिफ्ट बताया

बंगाल में मतदान के आखिरी चरण में प्रचार को निर्धारित समय से पहले खत्म करने पर ममता बनर्जी भन्ना गई हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उपहार दिया है जो ‘अभूतपूर्व, असंवैधानिक और अनैतिक’ है। ममता ने कहा, उन्होंने पहले कभी इस तरह का चुनाव आयोग नहीं देखा जो ‘आरएसएस के लोगों से भरा पड़ा’ है। उन्होंने दावा किया, ‘पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की ऐसी कोई समस्या नहीं है कि अनुच्छेद 324 लागू किया जाए।’  

अंतिम दौर में इन लोकसभा सीटों पर होना है मतदान 

लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में आठ राज्यों की 59 सीटों के लिए 19 मई को मतदान होगा। बंगाल की नौ सीटों दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जाधवपुर, कोलकाता दक्षिण और कोलकाता पश्चिम में भी वोट डाले जाएंगे।  

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