सूरत में सार्वजानिक यूनिवर्सिटी और SCET द्वारा आयोजित AI कॉन्क्लेव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नवीन शोध, स्टार्टअप्स, जनरेटिव AI और इंडस्ट्री–एकेडमिया सहयोग पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। 150 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

सूरत (गुजरात)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में हो रही नवीनतम प्रगति और इसके व्यावहारिक उपयोगों को लेकर सूरत में एक अहम पहल देखने को मिली। सार्वजानिक एज्युकेशन सोसायटी, सार्वजानिक यूनिवर्सिटी तथा सार्वजानिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SCET) द्वारा, साउदर्न गुजरात चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से शुक्रवार को सार्वजानिक यूनिवर्सिटी कैंपस में एक दिवसीय 'Artificial Intelligence (AI) कॉन्क्लेव- इंडस्ट्री एकेडमिया कनेक्ट' का सफल आयोजन किया गया।

इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध, तकनीकी विकास और उद्योग व शिक्षा जगत के बीच सहयोग को सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम में फैकल्टी सदस्यों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं सहित 150 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कॉन्क्लेव के दौरान बेंगलुरु से आई डॉ. कार्मेल मेरी एस्थर ने 'AI for Start-ups & the Innovation Ecosystem' विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने AI के विकासक्रम, इस क्षेत्र में हो रही नई खोजों तथा अपनी अभिनव तकनीक Zenarchē Engine के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, श्रीमती शिवाणी शर्मा द्वारा ColumsproutAI का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक और वास्तविक उपयोगों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।

इसके अलावा, एक इंटरएक्टिव पैनल चर्चा का भी आयोजन किया गया, जिसमें उद्योग जगत के दो विशेषज्ञों के साथ सार्वजानिक यूनिवर्सिटी की डॉ. निराली नानावटी और डॉ. येशा मेहता ने भाग लिया। इस पैनल चर्चा का संचालन प्रोफेसर (डॉ.) सरोश दस्तूर ने किया। चर्चा के दौरान जनरेटिव AI के उभरते स्वरूप, नैतिक चुनौतियों और छात्रों व भावी इंजीनियरों द्वारा AI के जिम्मेदार उपयोग पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. वंदना शाह, डॉ. सरोश दस्तूर और उनकी टीम द्वारा किया गया। यह कॉन्क्लेव सूरत में इंडस्ट्री और अकादमिक जगत के बीच AI के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने वाला साबित हुआ।