सार्वजनिक एजुकेशन सोसायटी और सार्वजनिक यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित मीतराज IDPT में 25–27 फरवरी 2026 को बहुविषयक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस होगी। यूरोप सहित कई देशों के विशेषज्ञ आर्ट, आर्किटेक्चर, कल्चर, साइंस और टेक्नोलॉजी के संगम पर विचार साझा करेंगे।

सूरत (गुजरात)। सार्वजनिक एजुकेशन सोसायटी और सार्वजनिक यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित मीतराज सार्वजनिक इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी (मीतराज आईडीपीटी) में 25, 26 और 27 फरवरी 2026 को बहुविषयक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन 25 फरवरी को सुबह 9 बजे सार्वजनिक एजुकेशन सोसायटी कैंपस स्थित तारा-मोती हॉल में होगा।

कॉन्फ्रेंस की थीम ‘डिजाइनिंग आइडेंटिटीज: इंटरसेक्शन्स ऑफ आर्ट, आर्किटेक्चर, कल्चर, रिलिजन, साइंस, टेक्नोलॉजी एंड सोसाइटी’ रखी गई है। तीन दिवसीय आयोजन में कला, वास्तुकला, संस्कृति, धर्म, विज्ञान और तकनीक के आपसी तालमेल पर विमर्श होगा। इसका मकसद इन क्षेत्रों के मेल से समाज और पहचान की संरचना को समझना और समावेशी व टिकाऊ विकास की दिशा में संवाद को आगे बढ़ाना है।

पहले दो दिनों में यूरोप के छह देशों से आए प्रमुख वक्ता अपने वैश्विक अनुभव साझा करेंगे। प्रमुख वक्ताओं में बेल्जियम से अर्थशास्त्री Giuseppe Savino, रोमानिया की Technical University of Cluj-Napoca से प्रो. Ioana Moldovan और प्रो. Tiganas Dragoș Șerban Ion, नीदरलैंड से वरिष्ठ सलाहकार Esther Knapen शामिल हैं। दूसरे दिन प्रो. Silivan Moldovan, बेल्जियम की राजनयिक Rensje-Teerink और प्रो. Cristina Mihaela Campian अपने विचार रखेंगे।

सम्मेलन के दौरान सोशियो-कल्चरल प्रैक्सिस, साइंस, टेक्नोलॉजी एंड मीडिया और बिजनेस, मैनेजमेंट एंड एजुकेशन इन तीन प्रमुख ट्रैक्स पर शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। इसमें देश-विदेश के शिक्षाविद और शोधकर्ता भाग लेंगे। अंतिम दिन पैनल डिस्कशन में उभरकर आए निष्कर्षों पर सामूहिक मंथन किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, यह कॉन्फ्रेंस शैक्षणिक जगत के साथ-साथ सूरत के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए वैश्विक विचारों से जुड़ने का अहम मंच बनेगा।

नोट: यह प्रमोशनल कंटेंट है।