सात दिन अंतरिक्ष में रहेंगे तीन हिंदुस्तानी, गगनयान योजना को मंजूरी

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First Published 28, Dec 2018, 7:58 PM IST
India will send three Indians in Space
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चुने गए तीन भारतीय 'व्योमनॉट्स' सात दिनों तक अंतरिक्ष में रहेंगे। ऐसा करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने 72वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से ‘गगनयान परियोजना’ की घोषणा की थी। यह सपना तीन साल बाद 2022 में पूरा हो जाएगा। 
 

भारत सरकार ने अंतरिक्ष में भारतीयों को भेजने की परियोजना को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने इसके लिए बजट भी मंजूर कर दिया है। इस परियोजना में दस हजार करोड़ का खर्च आएगा। 
 
भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो 40 महीनों के भीतर पहला मिशन शुरू कर देगी। नमूने के तौर पर पहले 5-7 दिनों के लिए पृथ्वी की कक्षा में दो मानव रहित और एक मानव समेत विमान भेजा जाएगा।

भारत को इस परियोजना में रूस और फ्रांस की सहायता मिलेगी। भारत अपने अंतरिक्ष यात्रियों को 'व्योमनॉट्स' नाम देगा क्योंकि संस्कृत में 'व्योम' का अर्थ अंतरिक्ष होता है।

इसरो आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष बंदरगाह से तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए अपने सबसे बड़े रॉकेट, जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल मार्क थ्री (GSLV Mk III) को तैनात करने की तैयारी कर रही है।

अभी तक इसरो ने इस परियोजना में 173 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह पूरा खर्च मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां विकसित करने में आया है। 

प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष में भारतीयों को भेजने की बात 72वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से से कही थी। जिसके बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केन्द्र इसरो के अध्यक्ष ने कहा था कि इसे तय समय पर पूरा कर लिया जाएगा। 

इस योजना की परिकल्पना 2008 में तैयार की गई थी। लेकिन अर्थव्यवस्था में घाटे और भारतीय रॉकेटों की खराब क्वालिटी की वजह से काम आगे नहीं बढ़ पाया। 

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