भोपाल। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले सत्ता के गलियारों में BJP की बढ़ती धाक विपक्षियों की कमर तोड़ रही है। खासकर जिस तरह से कांग्रेसी नेताओं का बीजेपी के प्रति प्रेम मध्य प्रदेश में बढ़ रहा है, उसे देखकर तो लगता हैं, कि कांग्रेस की नैया ही डूब जाएगी। 5 अप्रैल की रात में एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेहद करीबी एवं छिंदवाड़ा से 4 बार के विधायक तथा पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना अपने समर्थकों के साथ भगवा पार्टी के झंडे के नीचे आ गए। 

पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना का CM मोहन यादव ने किया स्वागत
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दीपक सक्सेना का सत्तारूढ़ दल में स्वागत किया। 22 मार्च को कांग्रेस छोड़ने वाले दीपक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, सीएम यादव और राज्य भाजपा प्रमुख वीडी शर्मा के कार्यों से प्रभावित होकर वह भाजपा में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले उनके बेटे अजय सक्सेना ने बीजेपी ज्वाइन की थी। उनके बेटे अजय सक्सेना ने कहा कि कमलनाथ के बेटे और छिंदवाड़ा से मौजूदा सांसद नकुलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस लक्ष्यहीन हो गई है। हमे हाशिये पर रखा जा रहा था और पिछले 6 वर्षों से छिंदवाड़ा में कार्यकर्ताओं की भी अनदेखी की जा रही थी। 

 

कमलनाथ के कई करीबी बीजेपी का थाम चुके हैं दामन
दीपक सक्सेना ने 2018 में कमलनाथ के सीएम बनने के बाद उन्हें विधायक बनाने के लिए अपनी विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था। 29 मार्च को कमलनाथ के वफादार और अमरवाड़ा विधायक कमलेश प्रताप शाह भाजपा में शामिल हो गए थे। कमलेश अमरवाड़ा से लगातार 3 बार जीत हासिल की है।

विधानसभा चुनाव में छिंदवाड़ा की सभी 7 सीटों पर जीती थी कांग्रेस
नवंबर 2023 के एमपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने छिंदवाड़ा जिले की सभी 7 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास में है कि वह छिंदवाड़ा पर कब्जा कर सके, जो 2019 के लोकसभा चुनावों में मध्य प्रदेश में कांग्रेस द्वारा जीती गई एकमात्र सीट थी। कांग्रेस से दोबारा नामांकन करने वाले नकुलनाथ का मुकाबला बीजेपी के विवेक साहू से हो रहा है। यहां पर 19 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। 

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