भारत की सुपरस्टार मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम अपने छठे विश्वचैंपियन खिताब की दहलीज पर पहुंच गई हैं। बृहस्पतिवार को केडी जाधव हॉल में खेले गए मुकाबले में मैरीकॉम ने अनुभव और बेहतर रणनीति का फायदा हुए सेमीफाइनल में उत्तर कोरिया की किम हयांग मि को हरा दिया। फैसला सर्वसम्मति यानी 5–0से हुआ। मैरीकॉम ने अपने सटीक और तेज मुक्कों की बदौलत जजों से 29-28, 30-27, 30-27, 30-27, 30-27 अंक हासिल किए। मैरीकॉम 48 किग्रा भारवर्ग में खेल रही हैं।

अगर वह फाइनल जीतती हैं तो यह उनका छठा गोल्ड और चैंपियनशिप का सातवां पदक होगा। मैरीकॉम ने पिछले साल भी एशियाई चैपिंयनशिप के फाइनल में उत्तर कोरियाई मुक्केबाज को मात दी थी, जो काफी फुर्तीली और आक्रामक खेलती है। 

अब वह 24 नवंबर को होने वाली खिताबी मुकाबले में यूक्रेन की हन्ना ओखोटा से भिड़ेंगी जिन्होंने जापान की विश्व चैम्पियनशिप की कांस्य पदकधारी मडोका वाडा को सर्वसम्मत फैसले में 5–0 से पराजित किया।

मैरीकॉम ने हाल ही में सितंबर में पोलैंड में हुई सिलेसियान मुक्केबाजी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में यूक्रेन की हन्ना ओखोटा को हराकर फाइनल में प्रवेश कर स्वर्ण पदक हासिल किया था। पैंतीस वर्षीय मेरीकाम का उत्साह बढ़ाने काफी दर्शक मौजूद थे, जिन्होंने हर पंच पर तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

सेमीफाइनल में जीत के बाद मेरीकॉम ने कहा, 'मैं हन्ना को देखूंगी और उनके खेल पर ध्यान दूंगी। मैं फाइनल में कोशिश करूंगी कि जीत हासिल कर सकूं। यहां के दर्शकों ने मुझे बहुत समर्थन दिया है। मैं अपने साथ-साथ देश को भी गर्व करने का मौका दूंगी।'