नई दिल्ली/ कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पिछले एक साल में राजनीतिक हिंसा में मारे गए 40 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 मई को होने वाले दूसरे शपथग्रहण समारोह में शामिल होने का न्यौता दिया गया है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने यह जानकारी दी।

भाजपा ने राज्य में सत्तारूढ़ टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर चुनाव में हिंसा करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने राजनीतिक हिंसा में कम से कम 80 कार्यकर्ताओं के मारे जाने का आरोप लगाया है। हालांकि टीएमसी इन आरोपों का खंडन करती रही है।

पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने बताया कि हिंसा में मारे गए भाजपा के 42 कार्यकर्ताओं के परिजनों को प्रधानमंत्री के शपथग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है। भाजपा नेता मुकुल रॉय ने कहा कि पार्टी ने उनका ट्रेन टिकट बुक कराया है और व्यक्तिगत रूप से उन्हें सूचना दी है।

ऐसे ही एक कार्यकर्ता मेदिनीपुर के मनु हंसदा थे। उनके बेटे को पीएम के शपथग्रहण में शामिल होने का न्योता दिया गया है। उन्होंने कहा, 'मेरे पिता को टीएमसी के गुंडों ने मार डाला। अब हमारे इलाके में शांति हैं। हम इस बात से खुश हैं कि हम दिल्ली जा रहे हैं।'

इस बीच मुकुल राय ने कहा, ‘यह हमारे उन शहीदों के प्रति एक सम्मान का भाव है जो पार्टी के लिए काम करने के दौरान टीएमसी के गुंडों द्वारा की गई हिंसा में मारे गए।’ भाजपा सूत्रों के मुताबिक, यह ममता बनर्जी और टीएमसी के लिए एक ‘संदेश’ है क्योंकि पश्चिम बंगाल भाजपा की प्राथमिकता सूची में है। राज्य में 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा यहां लगातार मजबूत होती जा रही है।

पुरुलिया से मेदिनीपुर, मालदा से बांकुरा के लोगों को इस अवसर पर आमंत्रित किया गया है। खास बात यह है कि पार्टी ने सिर्फ 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजनों को ही न्योता नहीं दिया, राज्य में हुए पंचायत चुनाव में जान गंवाने वालों को भी इस कार्यक्रम में बुलाया है।  

टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजनों को राज्य प्रशासन को ‘अपमानित करने के लिए’ प्रधानमंत्री के शपथग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘यदि वे शहीदों के परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए इतने गंभीर थे तो उन्हें हिंसा में मारे गए टीएमसी कार्यकर्ताओं के परिजनों को भी आमंत्रित करना चाहिए था।’ टीएमसी नेता ने कहा, ‘ऐसा न कर जो संदेश वे देना चाहते हैं, वह काफी स्पष्ट है।’ 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को घोषणा थी कि ‘संवैधानिक कर्तव्य और शिष्टाचार’ के कारण वह प्रधानमंत्री के शपथग्रहण समारोह में शामिल होंगी। हालांकि अब खबरें आ रही हैं कि वह पीएम के शपथग्रहण में शामिल नहीं होंगी।

भाजपा ने इस बार के लोकसभा चुनाव में राज्य में शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिम बंगाल में 42 में से 18 सीट जीतीं, जबकि टीएमसी ने 22 सीट जीतीं। इससे पहले 2014 में राज्य से भाजपा ने केवल दो और टीएमसी ने 34 सीट जीती थीं। (एजेंसी इनपुट के साथ)