नई दिल्ली-  झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे कार्यकर्ता से पैर धुलवाकर और फिर उस पानी को ‘चरणामृत’ बता कार्यकर्ता द्वारा पीने के बाद विवादों में आ गए हैं। घटना गोड्डा के कलाली गांव की है। यहां एक पुल के शिलान्यास के बाद निशिकांत वहीं मंच पर बैठे थे। उसी वक्त पवन शाह नाम के बीजेपी कार्यकर्ता ने सांसद दुबे के सम्मान में कसीदे गढ़ते हुए कहा कि सांसद महोदय ने ऐसा काम किया है कि चरण धोकर पीने का मन कर रहा है।


इसके तुरंत बाद कार्यकर्ता ने मंच पर थाली और पानी मंगवाया और सांसद निशिकांत दुबे के पैर धोने लगा। मामला यहां नहीं थमा, पवन शाह ने पैर धुले गंदे पानी को अंजुली में लिया और पी गया। इसके बाद सभा तालियों की गूंज से गड़गड़ा उठी, ऐसा लगा भक्त और भगवान एक मंच पर विराजमान हों।


कार्यकर्ता की चापलूसी से गदगद सांसद निशिकांत दुबे ने तस्वीरें अपने फेसबुक पेज पर शेयर कर दिया।

 


तस्वीरों के वायरल होने के बाद बैकफुट पर आई बीजेपी ने सफाई दी। कहा गया कि झारखंड में अतिथियों के पैर धोने का रिवाज है। इसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। 


अपने कृत्य पर सांसद निशिकांत दुबे को जरा भी अफसोस नहीं हुआ। सोशल मीडिया में वायरल होती तस्वीरों पर निशिकांत दुबे ने दोबार पोस्ट किया। बिना किसी सफाई के उन्होंने लोगों की मानसिकता पर ही प्रश्न उठा दिए और कहा कि “क्या अतिथि के पैर धोना गलत है और क्या भगवान कृष्ण ने अपने मित्र सुदामा का पैर नहीं धोया था”?

 


निशिकांत दुबे और पवन शाह नाम के बीजेपी कार्यकर्ता के सार्वजनिक मंच पर किए इस आचरण पर सोशल मीडिया पर लोग जमकर खींचाई कर रहे हैं।