जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकियों के तीन पुलिसकर्मियों की बर्बरता पूर्वक हत्या करने के बाद कई एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स) के इस्तीफे की जानकारियां सामने आ रही हैं।

 'माय नेशन' के पास मौजूद दस्तावेजों और वीडियो के अनुसार, अब तक घाटी में 7 एसपीओ पुलिस से इस्तीफा दे चुके हैं, कई के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। आशंका है कि घाटी में एसपीओ के इस्तीफे देने की संख्या 50 से पार कर गई है।

31 अगस्त को हिजबुल मुजाहिदीन के ऑपरेशनल कमांडर रियाज नाइकू का एक ऑडियो 'माय नेशन' को मिला था, इसमें वह पुलिस में काम करने वाले एसपीओ को नौकरी छोड़ने अथवा अंजाम भुगतने की धमकी दे रहा था। इतनी बड़ी संख्या में एसपीओ के इस्तीफे के बाद पूरा पुलिस विभाग सकते में है। 'माय नेशन' से बात करते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी दिलबाग सिंह ने कहा कि पुलिस कुछ ही समय में इस बात पर अपनी बात रखेगी। 

वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि किसी भी एसपीओ ने अपना इस्तीफा नहीं सौंपा है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक लिखित बयान में कहा गया है कि आतंक के खिलाफ ऑपरेशन में जम्मू-कश्मीर पुलिस अपनी सहायक एजेंसियों के साथ मिलकर आतंक का सफाया करने में जुटी है जिससे आतंकी संगठन तिलमिलाए हुए हैं। यही वजह है कि पुलिस के जवानों को निशाना बनाया जा रहा है। 

अपनी रिपोर्ट में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस में 30,000 एसपीओ है, जिनकी सेवाएं समय-समय पर जरूरत अनुसार बढ़ाई जाती हैं। आतंकी संगठन उन लोगों का फायदा उठा रहे हैं जिनकी सेवाएं जम्मू-कश्मीर पुलिस अब नहीं ले रही है।

 रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस आगामी पंचायती और म्युनिसिपल चुनावों के लिए सुरक्षा मुहैया करवाने में पूरी तरह सक्षम है। रिपोर्ट के अनुसार शोपियां जिले में इस साल 28 आतंकी मारे गए है जिसकी वजह से आतंकी डर कर ऐसे कार्य कर रहे है। 

वहीं दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एसपीओ के इस्तीफे की घटनाओं को पृथक घटना बताया है।