हमारे देश का दीपावली एक ऐसा त्योहार है जिसके आने से सभी के जीवन में खुशी का माहौल उत्पन हो जता है। इस त्योहार पर सभी अपने घर को सजाते हैं, घर में रोशनी की लड़िया लगाते है, स्वादिष्ट पकवान बनाते हैं और अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को उपहार देते हैं। शाम को सुख समृद्धि के लिए हर साल दीवाली की रात को देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। देवी लक्ष्मी पूजा इसलिए की जाती है क्योंकी हिन्दू मान्यताओं के अनुसार धन-धान्य और समृद्धि की देवी मानी जाती है। उनके साथ ही भगवान गणेश की भी पूजा की जाती है जिन्हें भाग्य और बुद्धि का देवता माना जाता है। वैसे सिर्फ हिन्दू मान्यताओं में ही नहीं, दुनियाभर की बहुत सी संस्कृतियों और धर्मों में सुख, समृद्धि और धन के लिए देवी देवताओं की पूजा की जाती है।

लेकिन क्या आपको पता है कि, सुख-समृद्धि के लिए मां लक्ष्मीजी के साथ-साथ अन्य देवी-देवता भी हैं जिनकी दूनियाभर में पूजा की जाती है।
 
1.फार्च्यूना: रोमन मान्यताओं के अनुसार फार्च्यूना भाग्य की देवी हैं। प्राचीन रोम में उन्हें भाग्य, समृद्धि और भविष्य की देवी माना जाता था। मान्यताओं के अनुसार फार्च्यूना रोमन देवता जुपिटर की पहली संतान थीं। बहुत सी तस्वीरों में देखा होगा कि फार्च्यूना मां के हाथों में बकरी के सींघ से बना अक्षय पात्र लिया हुआ है। कहा जाता है कि इस पात्र में से धन-धान्य और अच्छा भाग्य बहता रहता है और भक्तों को मिलता है।

2.प्लूटस: ग्रीक देवता प्लूटस को धन का देव्या माना जाता है। उनकी माता डेमेटेर को अच्छी फसल और उर्वरता की देवी माना जाता है। प्लूटस को अक्सर तस्वीरों व मुर्तियों में एक छोटे बालक के रूप में दिखाया गया है। प्लूटस देवता के हाथों में भी फार्च्यूना देवी की तरह अक्षय पात्र रहता है, इसके साथ उनके हाथों में गेहूं की एक बाली भी नजर आती है जो अच्छी फसल और उसके साथ ही धन को प्रदर्शित करती है।

3.अबेन्डेन्शिया: यह भी प्राचीन रोम की ही देवी हैं। यह देवी अथाह वरदान देने वाली देवी थीं। इनके भी हाथों में एक पात्र मौजूद है जिससे धन, धान्य बरसता रहता है।

4.वसुधरा: बौद्ध धर्म की यह देवी सुख, धन, समृद्धि और वैभव की देवी हैं। इनके नाम का संस्कृत अर्थ 'मणियों की धारा' है। इन देवी को नेपाल, भूटान और चीन समेत बहुत से बौद्ध धर्म मानने वाले देशों में पूजा जाता है।