जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। राज्य में सरकार गिराने को लेकर राज्य सरकार के आरोप के बाद एसओजी जांच कर रही है और उसने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन इसकी बीच राज्य में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री आमने सामने आ गए हैं। असल में राज्य के सीएम ने उपमुख्यमंत्री सचिन पालयट की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जब एक मुख्यमंत्री बन गया है तो दूसरे को शांत हो जाना चाहिए।

राज्य के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि जब एक बार कोई मुख्यमंत्री बन गया है तो बाकी अन्य लोगों को शांत हो जाना चाहिए और सरकार और पार्टी के लिए कार्य करना चाहिए। गहलोत के इस बयान का इशारा सचिन पायलट की तरफ था। राज्यसभा चुनाव के बाद से ही राज्य की सियासत गर्माई हुई है। अशोक गहलोत आरोप लगा चुके हैं कि भाजपा उनकी सरकार को गिराना चाहती है। लेकिन अब राज्य में इस सियासी ड्रामे के जरिए अशोक गहलोत एक तीर से दो निशाने साधने की तैयारी में हैं।

माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के जरिए गहलोत राज्य की सियासत से सचिन पायलट को बाहर करना चाहते हैं। अभी तक पायलट प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही उपमुख्यमंत्री भी हैं। लेकिन गहलोत सियासत के पुराने खिलाड़ी हैं और वह आलाकमान पर दबाब बना कर सचिन पायलट को किनारे कर सकते हैं। असल में राज्य में दोनों नेताओं के बीच छत्तीस का आंकड़ा है।


फिलहाल राज्य में गहलोत सरकार को लेकर सियासी ड्रामा फिर से शुरू हो गया है और राज्य के सीएम अशोक गहलोत और पुलिस ने आरोप लगाया कि भाजपा उनकी सरकार को गिराने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के दिल्ली में बैठे नेता कोरोना संकटकाल में सरकार को गिराने की साजिश में शामिल हैं। फिलहाल राज्य में सरकार गिराने की साजिश में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने भाजपा से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं माना जा रहा है कि एसओजी राज्य के सीएम अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का भी बयान दर्ज करेगी और इसके लिए अफसरों ने दोनों से समय मांगा है।