भारत के पहले गृहमंत्री और लौह पुरुष के नाम से विख्यात सरदार वल्लभ भाई पटेल की दुनिया में सबसे ऊंची बनाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना पूरा होने वाला है। पीएम मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए सरदार पटेल की सबसे उंची प्रतिमा बनाने का संकल्प लिया था जो अब साकार होने वाला है।

गुजरात नर्मदा के तट पर सरदार सरोवर बांध के पास में सरदार वल्लभभाई पटेल की 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को अंतिम रुप दिया जा रहा है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती पर इसका उद्घाटन करेंगे।

दुनिया की सबसे ऊंची ये मूर्ति महज पांच साल में बनकर तैयार हुई। 182 मीटर ऊंचे सरदार पटेल के इस स्टैच्यू को बनाने के लिए चार धातुओं का इस्तेमाल किया गया है।

'स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी' को आर्किटेक्ट पद्मश्री राम सुतार और उनके बेटे ने मिलकर तैयार किया है। प्रतिमा को सात हिस्सों में तैयार किया गया है। इसके बाद उसे गुजरात लाकर स्थापित किया गया। बताया गया कि सरदार पटेल की ये मूर्ति 6.5 तीव्रता वाले भूकम्प को भी झेल सकती है। प्रधानमंत्री ने देश के कोने-कोने से लोहा मांगा था

सरदार पटेल की मूर्ति को देखने के लिए नर्मदा जिले पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए यहां 52 कमरों वाला 'भारत भवन' भी बनाया जा रहा है। यहां पर आने वाले पर्यटकों के लिए वैली भी तैयार की गई है। सुरक्षा, सफाई के साथ ही पटेल की मूर्ति के पास फूड कोर्ट भी बनाया जा रहा है। 

स्टैच्यू के अंदर दो लिफ्ट रखी गई हैं यह लिफ्ट स्टैच्यू में ऊपर तक ले जाएंगी यहां से पर्यटकों को सरदार पटेल बांद और वैली का नजारा भी देखने को मिलेगा।

मोदी सरकार बनने के बाद इस मूर्ति को निर्माण के लिए अक्टूबर 2014 में लार्सेन एंड टर्बो  को ठेका दिया गया। इस काम को तय समय में पूरा करने के लिए 4076 मजदूरों ने दो शिफ्टों में काम किया।