बिहार की धरती पर कांग्रेस ने 28 साल बाद अपना दम दिखाने की कोशिश की। रविवार को पटना के गांधी मैदान में जन आकांक्षा रैली का आयोजन किया गया। जिसमें तेजस्वी और शरद यादव समेत सात पार्टियों के नेता शामिल हुए। इसके जरिए राहुल गांधी ने बिहार में महागठबंधन की तस्वीर पेश की। 

बिहार कांग्रेस के नेता पिछले एक माह से रैली की तैयारी में जुटे थे। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि गांधी मैदान में पांच लाख लोग पहुंचे थे।
इसके पक्ष में फोटो भी जारी किए गए। 

कांग्रेस की फोटो

लेकिन माय नेशन को कुछ स्वतंत्र स्रोतों से मिली तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां करती हैं। यह तस्वीरें रैली स्थल में पीछे से ली गई हैं। जिससे रैली में इकट्ठा हुई भीड़ की पोल खुल जाती है। इस तस्वीर में रैली में लोग दिख तो रहे हैं। लेकिन वह कुछ हजार ही होंगे। इन दो तस्वीरों को गौर से देखने से पांच लाख की भीड़ इकट्ठा होने का दावा बिल्कुल गलत साबित होता है।  

स्वतंत्र स्रोत की तस्वीर

बिहार कांग्रेस के सैकड़ों नेता पिछले एक महीने से इस रैली को सफल बनाने के लिए जी जान से कोशिश कर रहे थे। इसके लिए कई तरह के हाईटेक इंतजाम भी किए गए थे। इस रैली में जो भी भीड़ जुटी भी उसमें से ज्यादातर राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता थे, जो कि पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ यहां पहुंचे थे। 

स्वतंत्र स्रोत से मिली दूसरी फोटो(यह फोटो तब ली गई थी जब तक तेजस्वी यादव अपने आरजेडी कार्यकर्ताओं के साथ नहीं पहुंचे थे)

राहुल गांधी से पहले उनके पिता राजीव गांधी ने 1989 में गांधी मैदान में रैली की थी। गांधी मैदान को भर पाना किसी भी पार्टी के लिए चुनौती होती है। 

भीड़ इकट्ठा होने पर उठे विवाद को छोड़ दें तो 28 सालों बाद हुई इस रैली में राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर सीधा निशाना साधे रखा। 
उन्होंने कहा कि ‘मोदीजी ने बजट में बड़े-बड़े वादे किए हैं। किसानों को 17 रुपए देकर एनडीए के नेताओं ने संसद में 5 मिनट ताली बजाईं। इससे पहले राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि राहुल गांधी में प्रधानमंत्री बनने की क्षमता है। कांग्रेस पर साथियों को एकजुट करने की जिम्मेदारी है।
मंच पर मौजूद समाजवादी नेता शरद यादव ने कहा, ''एनडीए की सरकार देशभर में दंगा-फसाद कर रही है। आज पूर्वोत्तर जल रहा है। देश में अघोषित इमरजेंसी चल रही है। 

 जन आकांक्षा रैली के मंच पर राजद नेता तेजस्वी यादव, हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के नेता जीतनराम मांझी, लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) के प्रमुख शरद यादव, विकासशील इंसान पार्टी के नेता मुकेश साहनी, सीपीआई के सत्यनारायण सिंह, सीपीएम के अवधेश कुमार और बिहार भाकपा-माले के कुणाल पहुंचे। 

एनडीए से अलग हुए रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा अस्पताल में भर्ती होने की वजह से रैली में नहीं पहुंच पाए। इसके अलावा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद रहे।