यूपी में महागठबंधन की आहट दे रहे हैं छोटे दल

https://static.asianetnews.com/images/authors/bff11d14-81b3-52a9-a94b-86431321f9f4.jpg
First Published 11, Feb 2019, 11:41 AM IST
Small political parties knocking in Uttar Pradesh before general election-2019
Highlights

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए गठबंधन की सुगबुगाहट सुनाई दे रही है। कृष्णा पटेल की अगुवाई वाला अपना दल छोटे दलों का नया गठबंधन बनाने की तैयारी में है। अपना दल शिवपाल सिंह के साथ ही साथ आगामी लोकसभा चुनाव में गठबंधन कर सकता है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए गठबंधन की सुगबुगाहट सुनाई दे रही है। कृष्णा पटेल की अगुवाई वाला अपना दल छोटे दलों का नया गठबंधन बनाने की तैयारी में है। अपना दल शिवपाल सिंह के साथ ही साथ आगामी लोकसभा चुनाव में गठबंधन कर सकता है। वहीं अपना दल के मंच पर यूपी में हार्दिक पटेल का आना नए राजनैतिक समीकरणों को बयां कर रहा है। 

पिछले दिनों अनुप्रिया पटेल की भाजपा के साथ खटपट को देखते हुए कृष्णा पटेल की भाजपा के साथ नजदीकियां बढ़ने लगी थी। कृष्णा पटेल ने दावा किया था कि वह लगातार भाजपा के संपर्क में हैं और लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के साथ गठबंधन किया जा सकता था। जबकि अनुप्रिया पटेल की अगुवाई वाला अपना दल भाजपा के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहा था। लेकिन अब भाजपा और अनुप्रिया पटेल के बीच रिश्तों में नरमी आयी है। जिसके कारण कृष्णा पटेल के साथ भाजपा की दूरी बढ़ने लगी हैं।

लेकिन कृष्णा पटेल राज्य में छोटे दलों के साथ मिलकर गठबंधन बनाने की पहल कर रही है। कृष्णा पटेल शिवपाल सिंह यादव की पार्टी के साथ ही राजा भैया की पार्टी के साथ चुनाव गठबंधन बनाने पर कार्य कर रही हैं। आज प्रतापगढ़ में अपना दल की रैली में हार्दिक पटेल के मंच साझा किया जा रहा है। जिससे भाजपा विरोधी दलों को एक साथ गठबंधन किया जा सके। आज की रैली में में राजा भैया भी शामिल हो सकते हैं। वहीं शिवपाल भी इस रैली में मंच साझा करेंगे। राजा भैया ने हाल ही में जनसत्ता पार्टी बनाई है। राजा भैया के अलावा शिवपाल यादव से जुड़े कुछ छोटे दल भी न्याय रैली में शामिल हो सकते हैं।

कृष्णा पटेल का अपना दल सोमवार को प्रतापगढ़ में न्याय रैली के साथ अपना लोकसभा चुनाव अभियान शुरू करेगा। इस मौके पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल सिंह यादव और गुजरात के हार्दिक पटेल भी अपना दल के मंच पर मौजूद रहेंगे। वहीं अपना दल के साथ कई और प्रमुख दलों के नेता भी संपर्क में हैं।
 

loader