इनपुट गुरसिमरन सिंह और रोहित गोजा 

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शनिवार शाम सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में खूंखार आतंकवादी कमांडर जीनत उल-इस्लाम मारा गया। सुरक्षा बलों को उसके एक साथी को भी मार गिराने में सफलता मिली है। जीनत-उल-इस्लाम मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल था। 

पुलिस के एक अधिकारी ने 'माय नेशन' बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने पर दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के कटपोरा इलाके में शनिवार शाम सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था। तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाईं, जिसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया। इस मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए।

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अधिकारी ने बताया कि मौके से हथियार और गोला बारूद भी बरामद हुए है। उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान खूंखार आतंकवादी जीनत उल-इस्लाम के तौर पर हुई है। वह आतंकवादी संगठन अल-बद्र से जुड़ा था। वहीं दूसरे आतंकवादी की शिनाख्त शोफियां के चिल्लीपोरा के रहने वाले शकील अहमद डार के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि जीनत को आईडी का विशेषज्ञ माना जाता था और वह इससे पहले हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़ा था।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जीनत-उल-इस्लाम 2006 में आतंकी संगठन अल-बद्र में शामिल हुआ था। इसके बाद वह पकड़ा गया। जेल से छूटने के बाद 2016 में वह आतंकी संगठन  हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया। बाद में वह अपने पुराने संगठन अल-बद्र से जुड़ गया। उसे अल-बद्र का ऑपरेशनल कमांडर बना दिया गया। उसके नाम पर कई आतंकी वारदात दर्ज हैं। 

इस बीच, सेना की चिनार कोर (15 कोर) के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल भट्ट ने स्थानीय आतंकियों से कहा है कि वे या तो सरेंडर कर मुख्यधारा में लौट आएं या फिर अपने कमांडरों के साथ मरने के लिए तैयार रहें।