लखनऊ। लोकसभा चुनाव से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य को बड़ा झटका लगा है। हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करके अपनी राजनीति चमकाने वाले सपा नेता एवं पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या के खिलाफ कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करके जांच करने का आदेश दिया है। लखनऊ कोर्ट के आदेश पर वजीरगंज थाने में हिंदू देवी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई है। कोर्ट ने वजीरगंज थाना प्रभारी को 7 दिन के अंदर FIR की कापी कोर्ट में उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।

महिला अधिवक्ता ने कोर्ट में दी थी एप्लीकेशन
गौरतलब है कि अधिवक्ता रागिनी रस्तोगी ने कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि 15 नवंबर 2023 को समाजवादी पार्टी के पूर्व महासचिव एवं पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की एक समाचार पत्र में खबर प्रकाशित हुई थी। इसमें स्वामी प्रसाद मौर्य के हिन्दू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी पढ़कर आहत हुईं थी। उन्होंने बताया कि पूर्व में X पर भी स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिंदुओं व सनातनी धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले आपत्तिजनक पोस्ट किए हैं। मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट अंबरीश कुमार श्रीवास्तव ने वजीरगंज पुलिस से आख्या तलब की थी। इसके आधार पर मौर्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है। इंस्पेक्टर वजीरगंज ने दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

 

कभी पूर्व CM मायावती के खास सिपहसालार थे स्वामी प्रसाद
किसी जमाने में बसपा सुप्रीमो मायावती के खास सिपहसालार रहे स्वामी प्रसाद मौर्या बीजेपी में 5 साल तक मंत्री रहने के बाद सपा में शामिल हो गए थे। वहां पर अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए उन्होंने हिंदू देवी देवाताओं और रामचरित मानस पर कई बार आपत्तिजनक टिप्पणी की। जिसको लेकर उनका विरोध हुआ। यहां तक कि सपा के नेताओं ने ही खुद उन्हें मानसिक डिस्टर्ब व्यक्ति तक कह दिया था। हालांकि विधानसभा चुनाव 2022 हारने के बाद सपा ने उन्हें एमएलसी बनाया था। लेकिन महीने भर पहले उन्होंने सपा और एमएलसी पद दोनों से इस्तीफा देकर अपनी नई पार्टी बना ली है। 

ये भी पढ़ें.....
Lok Sabha Elections 2024: KYC-ECI ऐप से खुलेगी कैंडिडेट की काली करतूत, एक क्लिक पर मिलेंगी कई जानकारियां