आसनसोल लोकसभा सीट पर टीएमसी और भाजपा के अलावा दस अन्य दलों के नेता भी किस्मत आजमा रहे हैं। हालांकि मुख्य मुकाबला बाबुल सुप्रियो और मुनमुन सेन के बीच ही माना जा रहा है। 

अनिल गिरी की रिपोर्ट

लोकसभा के चौथे चरण में सोमवार को वोटिंग होगी। बंगाल में सभी सात चरणों में चुनाव हो रहे हैं। यहां की आसनसोल लोकसभा सीट बहुचर्चित सीट है। यहां बॉलीवुड के दो बड़े स्टार के बीच मुकाबला है। प्रख्यात गायक और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रिया की यहां टीएमसी नेता व गुजरे जमाने की अभिनेत्री मुनमुन सेन से सीधी टक्कर है। यह सीट बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए साख का सवाल बन गई है। 

इस लोकसभा सीट पर सोमवार को कुल 1614917 वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सांसद चुनेंगे। यहां से टीएमसी और भाजपा के अलावा दस अन्य दलों के नेता भी किस्मत आजमा रहे हैं। हालांकि मुख्य मुकाबला बाबुल सुप्रियो और मुनमुन सेन के बीच ही माना जा रहा है। 

आसनसोल लोकसभा में 1860 से ज्यादा मतदान केंद्र में से 95 प्रतिशत की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय बलों के पास है। सूत्रों के अनुसार, पूरे बंगाल में 526 बूथ संवेदनशील हैं। उनमें से 188 बूथ आसनसोल में हैं। यहां दिव्यांग मतदाताओं के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं।  

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एक नजर आसनसोल लोकसभा पर

कुल मतदाता - 1614917<br/>कुल मतदान केंद्र - 1860<br/>अत्यधिक संवेदनशील बूथ – 188<br/>संवेदनशील  - 526<br/>सामान्य -1146<br/>चुनाव  परिसर- 1015<br/>कुल मतदान कर्मी - 7440<br/>मतदान अधिकारी- 1860 और 20 प्रतिशत आरक्षित 

बंगाल में अभी तक के तीन चरणों में हुई हिंसा को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। केंद्रीय बलों की 80 कंपनियां आसनसोल पहुंच गई हैं। 

कई मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। पूरे जिले में अर्ध सैनिक बलों के साथ त्वरित कार्रवाई बल की टीमों को भी तैनात किया गया है। सभी मतदानकर्मी डीसीआरसी केंद्र पहुंचे, जहां से ईवीएम देकर उन्हें अलग-अलग बूथों की ओर रवाना कर दिया गया है।

बंगाल-झारखंड सीमा पर विशेष चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी तरह के समाज विरोधी तत्वों को जिले में घुसने से रोका जा सके। इन तमाम प्रयासों के बीच आसनसोल भाजपा और टीएमसी दोनों के लिए नाक की लड़ाई का सबब बना हुआ है।<br/>