मदर टेरेसा संत नहीं बल्कि आम इंसान थीं, जिनके अंदर कई खामिया मौजूद थीं

ऐसा कहा जाता है कि मदर टेरेसा ने अपना पूरा जीवन पिछड़ों और गरीबों के जीवन को बेहतर बनाने में लगा दिया। उन्होंने दिल को सुकून देने वाली भी कई बातें कहीं जैसे कि, 'शांति की शुरुआत एक मुस्कान से होती है।' उन्हें शांति का नोबल पुरस्कार भी मिला था। हालांकि, उनको मिली संत की उपाधि को कई लोग सही मानते थे लेकिन कई लोग ऐसे भी थे जो इससे इत्तेफाक नहीं रखते थे और इस पर सवाल उठाते थे! आज के ऐपिसोड में मैं आपको बताऊंगा कि मदर टेरेसा कुछ नहीं बल्कि एक आम इंसान थीं जिनके अंदर बहुत खामियां थीं लेकिन चूंकि उनके पीछे दुनिया के बड़े देशों का हाथ होने की वजह से उनकी प्रसिद्धि हर गुज़रते दिन के साथ बढ़ती गई। 

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ऐसा कहा जाता है कि मदर टेरेसा ने अपना पूरा जीवन पिछड़ों और गरीबों के जीवन को बेहतर बनाने में लगा दिया। उन्होंने दिल को सुकून देने वाली भी कई बातें कहीं जैसे कि, 'शांति की शुरुआत एक मुस्कान से होती है।' उन्हें शांति का नोबल पुरस्कार भी मिला था। हालांकि, उनको मिली संत की उपाधि को कई लोग सही मानते थे लेकिन कई लोग ऐसे भी थे जो इससे इत्तेफाक नहीं रखते थे और इस पर सवाल उठाते थे! आज के ऐपिसोड में मैं आपको बताऊंगा कि मदर टेरेसा कुछ नहीं बल्कि एक आम इंसान थीं जिनके अंदर बहुत खामियां थीं लेकिन चूंकि उनके पीछे दुनिया के बड़े देशों का हाथ होने की वजह से उनकी प्रसिद्धि हर गुज़रते दिन के साथ बढ़ती गई। 

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