भारतीय सेना ने सबूतों के साथ किया हिममानव 'येती' की मौजूदगी का दावा

Published : Apr 30, 2019, 01:56 AM ISTUpdated : Apr 30, 2019, 02:06 PM IST
भारतीय सेना ने सबूतों के साथ किया हिममानव 'येती' की मौजूदगी का दावा

सार

सेना के एक पर्वतारोही दल ने पहली बार हिममानव 'येती' के अस्तित्व को लेकर कुछ तस्वीरें ट्वीट की हैं। इनमें बर्फ पर पैरों जैसे बड़े निशान दिख रहे हैं। ये निशान हिममानव 'येती' के बताए जा रहे हैं।

क्या दुनिया के सबसे रहस्यमयी प्राणियों में से एक 'येती' का वाकई अस्तित्व है? यह एक ऐसा सवाल है जिसे लेकर कई थ्योरियां आती रही हैं। 'येती' नामक जीव के बारे में अक्सर कहा जाता है कि यह हिमालय की बर्फीली गुफाओं में रहता है। कई लोग इसे 'हिममानव' यानी स्नोमैन कहते हैं। पहली बार भारतीय सेना की ओर से 'येती' की मौजूदगी को लेकर बड़ा दावा किया गया है।

भारतीय सेना ने हिम मानव 'येती' का अस्तित्व होने की बात कही है। इस संबंध में सेना ने कुछ तस्वीरें भी ट्वीट की हैं। इनमें बर्फ पर पैरों जैसे बड़े निशान दिख रहे हैं। इनके बारे में कहा गया है कि ये निशान हिममानव 'येती' के हो सकते हैं। सेना के एक पर्वतारोही दल ने येती के पैरों के ये निशान देखे हैं।

सेना के जन सूचना विभाग की तरफ से ट्वीट कर कहा गया है, 'पहली बार एक भारतीय सेना एक पर्वतारोही दल ने 09 अप्रैल, 2019 को मकालू बेस कैंप के पास 32x15 इंच लंबे पैरों के निशान देखे हैं। ये रहस्यमयी हिममानव 'येती' के पैरों के निशान हो सकते हैं। इस हिममानव पूर्व में भी मकालू-बरुन नेशनल पार्क में देखा गया है।

सेना की ओर से येती के संबंध में इतना बड़ा दावा किए जाने के बाद इस रहस्यमयी जीव को लेकर फिर से बहस तेज होने की संभावना है। 

सौ साल पुराना है येती का रहस्य

हिममानव येती का रहस्य लगभग सौ साल पुराना है। साल 1921 से पश्चिमी दुनिया को 'येती' ने मोहित कर रखा है। तब एक रॉयल जियोग्राफिकल सोसाइटी के पर्वतारोही दल ने 'बर्फ के एक जंगली इंसान' के पैरों को पाया था। उन्होंने इसका नाम 'एबडोमिनेबल स्नोमेन' रखा। तब से इस जीव के अस्तित्व को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। येती के आकार, आकृति और नाम को लेकर हिमालय के हर हिस्से में अलग-अलग कहानियां किस्से हैं। येति मिथक या सच्चाई जानिए यहां

लद्दाख, नेपाल और तिब्बत में भी देखे जाने के दावे

लद्दाख के कुछ बौद्ध मठों ने हिम मानव 'येती' को देखने के दावे किए हैं। नेपाल और तिब्बत के हिमालय क्षेत्र में इसे देखने का दावा किया गया है। कई शोधकर्ता इन्हें पोलर बियर की प्रजाति से जोड़ते हैं, जो 40 हजार साल पुरानी बताई जाती है। कई अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि ये भालू की ही एक प्रजाति है, जो हिमालयन रेंज में पाई जाती है। हालांकि किसी भी थ्योरी को लेकर वैज्ञानिकों में एक राय नहीं हैं।  

PREV

MyNation Hindi पर पाएं आज की ताजा खबरें (Aaj Ki Taza Khabar)। यहां आपको राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ब्रेकिंग न्यूज़ और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं की तुरंत और भरोसेमंद जानकारी मिलती है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और टेक सहित हर बड़ी खबर पर रहें अपडेट—तेज, सटीक और आसान भाषा में।

Recommended Stories

CBSE Result 2026: सूरत के व्हाइट लोटस इंटरनेशनल स्कूल का शानदार प्रदर्शन, 10वीं में 100% रिजल्ट और संस्कृत में 100/100 की विशेष उपलब्धि
CBSE Board 10th Result 2026: गौतम क्लासेस का कमाल, 100% रिजल्ट के साथ छात्रों में 20% तक सुधार