जम्मू-कश्मीर के बनिहाल में सीआरपीएफ काफिले पर नाकाम हमले का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

By Team MyNationFirst Published Apr 1, 2019, 2:32 PM IST
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जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल पर क्षतिग्रस्त कार और आसपास के क्षेत्र की जांच के बाद एक एलपीजी सिलिंडर और जैरीकेन मिला था, जिसमें पेट्रोल, जिलेटिन की छड़ें, यूरिया और सल्फर भरा हुआ था। इन चीजों का इस्तेमाल आईईडी बनाने में किया जाता है।

जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ के एक काफिले को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश के संदिग्ध आतंकवादी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आतंकी से पूछताछ की जा रही है। जम्मू की तरफ जा रहे सीआरपीएफ के काफिले के जवाहर सुरंग पार करने के तुरंत बाद यह विस्फोट हुआ था। तेतहर गांव के निकट बनिहाल शहर से सात किलोमीटर की दूरी पर धमाका हुआ। हुंडई सैंट्रो मॉडल वाले वाहन के दो गैस सिलिंडरों में आग लगने से यह घटना हुई। वाहन का चालक आग लगने से पहले ही वहां से फरार हो गया था।

पुलिस ने बताया कि वाहन और आस-पास क्षेत्र की जांच के बाद एक एलपीजी सिलिंडर और जैरीकेन (पेट्रोल सहित अन्य सामान रखने का मर्तबान) मिला जिसमें पेट्रोल, जिलेटिन की छड़ें, यूरिया और सल्फर भरा हुआ था। इन चीजों का इस्तेमाल आईईडी बनाने में किया जाता है।

सूत्रों ने बताया कि विस्फोट के बाद तलाश अभियान शुरू करके सुरक्षाबलों ने संदिग्ध आतंकवादी को सोमवार तड़के गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि सूत्रों ने यह नहीं बताया कि यह गिरफ्तारी बनिहाल में हुई है या कहीं और हुई है।

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घटनास्थल से जो पत्र मिला है, उससे पता चला है कि वाहन चालक हिजबुल मुजाहिदीन का सदस्य है। उसने पत्र में पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले जैसा हमला दोहराने का अपना इरादा जाहिर किया था।

फॉरेंसिक विशेषज्ञों और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम ने बनिहाल का दौरा करके घटनास्थल का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले को जैश-ए-मोहम्मद के फिदायीन हमलावर ने निशाना बनाया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश के ट्रेनिंग कैंप पर एयर स्ट्राइक की थी। 

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