नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के रवि कौशिक ने बचपन से ही बढ़ते हुए एयर पॉल्यूशन को देखा। समय के साथ यह सिर्फ दिल्ली ही नहीं, देश के तमाम शहरों की प्रॉब्लम बन गई। सॉल्यूशन के रास्ते न के बराबर थे। यह देखकर रवि एयर पॉल्यूशन की समस्या का समाधान करने के लिए प्रेरित हुए और इस दिशा में सोचना शुरु कर दिया। पढ़ाई खत्म होने के बाद साल 2020 में जॉब के बजाए इंटरप्रेन्यो​रशिप की राह चुनी। इस समस्या पर काम कर डिवाइस तैयार किया। स्टार्टअप Airth (एयरथ) की नींव रखी। माई नेशन हिंदी से एयर प्यूरीफायर स्टार्टअप के मो. असलम ने एयरथ की जर्नी शेयर की है।

IIT कानपुर-IISc Bangalore के सहयोग से किया तैयार

रवि कौशिक ने एनआईटी कुरूक्षेत्र (NIT Kurukshetra) से साल 2016 में सिविल इंजीनियरिंग (Civil Engineering) से ग्रेजुएशन किया। साल 2019 में आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) से पर्यावरण इंजीनियरिंग (Environmental Engineering) से मास्टर्स की डिग्री ली। IIT Bombay से पढ़ाई के दौरान ही रवि को एसी एयर प्यूरिफायर बनाने का विचार आया। साल 2020 में उन्होंने Aerosol science और माइक्रोबायोलॉजी विषयों पर काम शुरु कर दिया। इस दौरान वह मुंबई में इनक्यूबेशन सेंटर (Clean Energy International Incubation Centre) से भी जुड़े रहें। जून 2020 में एयरथ रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी बनाई। करीबन एक साल की मेहनत के बाद IIT कानपुर की मदद से ऐसा डिवाइस बनाकर तैयार कर दिया, जो AC से निकलने वाली हवा से सिर्फ धूल के कणों को ही नहीं ​बल्कि बैक्टीरिया को भी खत्म करता है। आईआईएससी बैंगलोर के साथ मिलकर ऐसी कोटिंग तैयार की है, जो फिल्टर की ताकत को बढ़ाता है। उनके इस प्रोडक्ट को पेटेंट प्राप्त है।

 

एसी की कूलिंग पर नहीं पड़ता असर

एसी एयर प्यूरिफायर तैयार कर बाजार में उतारना भी इतना आसान नहीं था। वॉटर पॉल्यूशन के बारे में तो लोग अवेयर हैं। पर एयर पॉल्यूशन के बारे में लोगों में ज्यादा अवेयरनेस नहीं है। एक तरफ लोगों में अवेयरनेस डेवपल करने की चुनौती थी तो दूसरी ओर किफायती दाम में प्रोडक्ट बाजार में लाने की। पहले से मार्केट में मौजूद अलग—अलग एयर प्यूरीफायर की कीमत 10 हजार से लेकर 40 हजार तक है, जो एक बड़ी आबादी की परचेज कैपिसिटी से बाहर की बात है। इसको लेकर रिसर्च के बाद रवि कौशिक ने किफायती एयर प्यूरिफायर बनाने का खाका खींचा। एयरथ के प्रति​निधि कहते हैं कि कई बार ऐसा हुआ कि एसी पर प्रोडक्ट को टेस्ट किया गया तो उसकी कूलिंग पर असर पड़ा। कई टेस्ट के बाद ऐसा प्रोडक्ट बनकर तैयार हुआ। जिसका एसी की कूलिंग पर कोई असर नहीं पड़ता है। इसकी कीमत मात्र तीन हजार रुपये है।

भारत का ऐसा पहला एयर प्यूरिफायर

इस डिवाइस के इस्तेमाल का बिजली के खर्च पर कोई असर भी नहीं पड़ता है। यह भारत का ऐसा पहला एयर प्यूरिफायर है। जिसे सिर्फ एक बार एसी से प्लग करना पड़ता है। यह कमरे की हवा को शुद्ध कर देता है। बहुत लोग समझते हैं कि एसी बाहर से ठंडी हवा लेकर कमरे में देता है। पर ऐसा नहीं है। एसी के ढांचे का उपरी भाग कमरे की हवा को खींचता है और नीचे का हिस्सा ठंडा कर उसे कमरे में छोड़ देता है। एयर प्यूरिफायर डिवाइस एसी के उपरी हिस्से पर लगाया जाता है।

बार-बार चालू और बंद करने का झंझट नहीं

बाजार में मिलने वाले दूसरे एयर प्यूरीफायर लोग खरीदकर घरों में रख तो लेते हैं। पर कुछ दिन बाद उसे बार—बार आन करना भूल जाते हैं। सामान्यत: लोग घरों में पहुंचने के बाद वेंटीलेशन के लिए एसी आन कर देते हैं और अपने दैनिक काम को निपटाने पर ध्यान देते हैं। इस एयर प्यूरिफायर को बार-बार ऑन-ऑफ नहीं करना पड़ता। सिर्फ इसे एक बार एसी में लगाना होता है।

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