मुंबई। महाराष्ट्र के अहमदनगर के निंभारी गांव के रहने वाले युवराज पवार (21 साल) जुगाड़ से इलेक्ट्रिक विंटेज कार (Electric vintage car) बनाकर मशहूर हो गए हैं। अब तक 45-50 इलेक्ट्रिक विंटेज कार बिक चुकी है। 12 पेंडिंग आर्डर पर काम कर रहे हैं। प्रोडक्शन में तेजी लाने के लिए कारखाने में जरुरत के हिसाब से नई मशीने लगवा रहे हैं। एग्रीकल्चरल इक्विपमेंट भी बना रहे हैं। 4th क्लास से ही अब तक 30 इनोवेशन कर चुके हैं। 

बचपन से ही मशीनें बनाने में रूचि

माई नेशन हिंदी से बात करते हुए युवराज पवार कहते हैं कि 4th क्‍लास में एक फ्लोर क्लीनर बनाया था। इस प्रोजेक्ट के लिए स्कूल के साइंस एक्जीबिशन में फर्स्ट आया था। लोगों ने फ्लोर क्लीनर की तारीफ की। पांचवी कक्षा में ब्वायलर बनाया। अब उसका पेटेंट वगैरह फाइल किया है। युवराज पवार के पिता फर्नीचर का काम करते हैं। बचपन से ही युवराज की मशीनें बनाने में रूचि थी। 

 

30 इनोवेशन लोगों को भा रहें

युवराज कम उम्र से ही लगातार छोटी-छोटी चीजें बनाने लगें। उन्होंने मशीन बनाने के करीबन 100 अलग-अलग प्रयोग किएं। उनमें से लगभग 30 एक्सपेरिमेंट सफल रहें। कृषि कार्यों के लिए बनाई गई उनकी मशीनें पंसद की जा रही हैं। युवराज लोगों की डिमांड पर उन मशीनों को बनाते हैं। युवराज की माँ गीतांजलि और पिता जनार्धन पवार उनका सपोर्ट करते रहें। 

लॉकडाउन के समय बनाई इलेक्ट्रिक विंटेज कार

युवराज पवार को इलेक्ट्रिक विंटेज कार बनाने का आइडिया साल 2020 में लॉकडाउन के दौरान आया। घर पर खाली बैठे थे तो पापा के फर्नीचर के कारखाने में विंटेज कार बनाना शुरु कर दिया। उस समय गाड़ी में यूज होने वाले तमाम पार्ट्स नहीं मिले तो खुद बनाई। पिता की पुरानी बाइक का इस्तेमाल किया। कार की डिजाइनिंग भी खुद से ही की। घर की गाड़ी से टायर वगैरह निकालकर लगाएं। युवराज कहते हैं कि विंटेज कार बनाने में पहले बाइक का यूज किया था। बाद में बड़ा इंजन लगाया। अभी इलेक्ट्रिक विंटेज कार ही बनाते हैं। कार बनने के बाद उन्हें इतनी लोकप्रियता मिली कि कार के ऑर्डर्स मिलने शुरु हो गए। 

 

मैकेनिकल इंजीनियरिंग के बाद प्रोडक्शन में तेजी

युवराज पवार पुणे के ‘काशीबाई नवले कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग’ से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। कॉलेज से जब भी छुट्टी मिलती तो वह फिर घर आकर काम में लग जाते। अब उनकी डिग्री पूरी हो चुकी है और वह विंटेज कार और कृषि उपकरणों के प्रोडक्शन में तेजी लाने के लिए काम कर रहे हैं। इलेक्ट्रिक विंटेज कार जब सड़कों पर निकलती थी, तो लोग इसे देखने के लिए रूकते थे।

इलेक्ट्रिक विंटेज कार देखकर ही लोग करने लगते हैं डिमांड

युवराज कहते हैं कि लोग कार के साथ फोटो खिंचाते थे। कहते थे कि ये कार मुझे दे दो। पर कार डिमांड पर बनाई जाती है तो उसे किसी को दे भी नहीं सकते थे। आर्डर लेकर उनके लिए भी कार बनाई। धीरे-धीरे युवराज के बनाए गए इलेक्ट्रिक विंटेज कार की चर्चा दूर दूर तक फैल गई और युवराज को कार के ऑर्डर्स मिलने लगे। युवराज को विंटेज कार का पहला आर्डर उनके इलाके के एमएलए ने ही दिया। 

 

एमपी, पंजाब, हरियाणा, कोलकाता, गोवा में बेची कार

युवराज कहते हैं कि इलेक्ट्रिक विंटेज कार मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, कोलकाता, गोवा में भी बिक चुकी है। छत्तीसगढ़ फिल्म सिटी में भी जा रही है। ऑर्डर्स पर ही कार बनाते हैं। कस्टमर की जरुरत के हिसाब से बनाकर देते हैं। 100 किमी कैपिसिटी की इलेक्ट्रिक विंटेज कार 3 घंटे में चार्ज हो जाती है। इसकी कीमत 2.75 लाख से लेकर 10.50 लाख तक है। 

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