अखिलेश और मायावती की हो सकती है मुलाकात, यूपी में गठबंधन पर लगेगी मुहर

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First Published 11, Jan 2019, 12:12 PM IST
Alliance between SP-BSP may announce tomorrow, BSP chief in Lucknow
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बसपा प्रमुख मायावती आज से लखनऊ के दौरे पर हैं, लिहाजा आज लखनऊ में राजनैतिक सरगर्मियां बढ़ गयी हैं. आज या कल सुबह तक सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मायावती से मुलाकात हो सकती है और इसके बाद दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर मुहर लगेगी. 

बसपा प्रमुख मायावती आज से लखनऊ के दौरे पर हैं, लिहाजा आज लखनऊ में राजनैतिक सरगर्मियां बढ़ गयी हैं. आज या कल सुबह तक सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मायावती से मुलाकात हो सकती है और इसके बाद दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर मुहर लगेगी. सपा और बसपा की तरफ से कल यानी शनिवार को संयुक्त पत्रकारवार्ता की जाएगी. जिसमें दोनों दलों की आगे की रणनीति को मीडिया को बताया जाएगा.

कल दोनों दल आगामी लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन का ऐलान कर सकते हैं और इसके साथ ही दोनों सीटों के बंटवारे का भी ऐलान कर सकते हैं. लिहाजा सभी राजनैतिक दलों की नजर दोनों दलों के कल की प्रेस कांफ्रेंस पर है. हालांकि लखनऊ में ये भी चर्चा है कि दोनों दल गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं करेंगे और दोनों दल 37-37 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. जबकि अमेठी और रायबरेली की सीटों पर वह किसी को प्रत्याशी घोषित करेंगे.

ऐसा पहली बार होगा जब यूपी की राजनीति के दो दिग्गज मायावती और अखिलेश यादव साथ-साथ मीडिया से रूबरू होंगे। जबकि चार दिन पहले दोनों दलों के नेताओं ने संसद में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की थी.ताकि जनता को ये संदेश चला जाए कि दोनों दल आगामी चुनाव में एक साथ चुनाव लड़ सकते हैं. लखनऊ में मीडिया को कल की प्रेस कांफ्रेंस के लिए न्योता भेजा गया है. ये न्योता सपा के राष्ट्रीय सचिव और प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी और बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा की तरफ से भेजा गया है.

हालांकि ऐसी भी चर्चाएं हैं कि  मायावती अपने जन्मदिन यानी 15 जनवरी को इस गठबंधन का ऐलान कर सकती हैं. गौरतलब है कि यूपी में 80 लोकसभा सीटें हैं. वहीं आरएलडी के भी इस गठबंधन में शामिल होने की संभावना है, जिसे 2 सीटें देने की बात की जा रही है. वहीं ऐसा माना जा रहा है कि अगर अखिलेश और माया गठबंधन करते हैं. भाजपा को इसका नुकसान हो सकता है. जबकि सपा और बसपा राज्य में पहले भी गठबंधन कर चुके हैं.

लेकिन बाद में दोनों दलों के बीच गठबंधन टूट गया. हालांकि उस वक्त  सपा की कमान मुलायम सिंह के पास तो बसपा में अध्यक्ष के पद पर कांशीराम थे. लेकिन अब राजनैतिक परिदृश्य बदल गया है और सपा की कमान अखिलेश यादव और बसपा की कमान मायावती के पास है. उधर बसपा ने क्षेत्रीय दलों के साथ अपनी निकटता जताने के लिए मायावती के जन्मदिन के कार्यक्रम के लिए सभी क्षेत्रीय दलों को न्योता भेजा है.
 

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