‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के ट्रेलर पर रोक लगाने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने किया इनकार

First Published 7, Jan 2019, 1:42 PM IST
Delhi high court denied plea on the accidental prime minister
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर बनी विवादित फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के ट्रेलर पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर कोई आदेश देने से दिल्ली हाइकोर्ट ने साफ किया इनकार. कोर्ट ने याचिकाकर्ता की मंशा पर भी सवाल खड़ा किए. 

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर बनी विवादित फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के ट्रेलर पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर कोई आदेश देने से दिल्ली हाइकोर्ट ने साफ किया इनकार. कोर्ट ने याचिकाकर्ता की मंशा पर भी सवाल खड़ा किए. कोर्ट ने कहा यह जनहित में है लेकिन आप कैसे याचिका दायर कर सकते हो. आपको याचिका दायर ही करना है तो डिवीजन बेंच ने जनहित याचिका दायर करें. 

यह याचिका दिल्ली की फैशन डिजाइनर पूजा महाजन ने अपने वकील अरुण मैत्री के माध्यम से याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता ने कोर्ट से केंद्र सरकार, गूगल, यूट्यूब और सीबीएफसी को ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ का ट्रेलर दिखाने पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की थी. याचिका में कहा गया था, कि फिल्म निर्माता को भारत के संविधान की अवज्ञा करने का कोई अधिकार नहीं है, जिसमें संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान की बात कही गई है. याचिकाकर्ता ने यह भी कहा था कि ऐसा प्रतीत होता है कि फिल्मकार और निर्माता ने फायदा अर्जित करने की कोशिश की है. यहां नकल करने के लिए जानबूझकर प्रधानमंत्री के पद को बदनाम करने के लिए किया गया है.

फिल्म की कहानी के बारे में दावा किया जाता है कि यह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पूर्व मीडिया सलाहकार संजय बारू द्वारा इसी नाम से लिखी गई है और फिल्म किताब पर आधारित है. फिल्म में अभिनेता व भाजपा सांसद किरण खेर के पति अनुपम खेर ने मनमोहन सिंह का किरदार निभाया है. जबकि बारु के किरदार फिल्म में अक्षय खन्ना है. फिल्म 11 जनवरी को रिलीज होने वाली है. बता दें कि याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था, कि फिल्म निर्माता ने मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी से उनके चरित्र, उनके राजनीतिक जीवन और पहनावे पर अभिनय करने की अनुमति तक नही ली गई है. याचिकाकर्ता ने यह भी कहा था कि सीबीएफसी के दिशानिर्देश के मुताबिक वास्तविक जीवन पर आधारित फिल्म के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र की जरूरत होती है. लेकिन फिल्म के ट्रेलर के लिए कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है.

याचिका में यह भी कहा गया है कि ट्रेलर में सिनेमेटोग्राफी एक्ट 38 के उल्लंघन किया गया है. इस फिल्म के ट्रेलर को लेकर यूथ कांग्रेस ने भी आपत्ति जताई है. उधर यूथ कांग्रेस का कहना है कि फिल्म रिलीज होने से पहले उन्हें दिखाई जाए. जिसके बाद अनुपम खेर ने कहा था कि जब फ़िल्म के सब्जेक्ट से जुड़ी किताब काफी पहले से पब्लिक डोमेन में मौजूद है तो तब किसी ने आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई. फिल्म पर आपत्ति क्यों है, खेर ने यहां तक कहा कि फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग करनी भी पड़े तो वे सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह जी के लिए करेंगे. वो भी तब जब वो कहेंगे.
 

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