मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सत्ता से बाहर हो चुके हैं। हालांकि वह लगातार 13 साल तक मुख्यमंत्री रहे। लेकिन सत्ता का अहंकार उन्हें छूकर भी नहीं गया है। 

इस बात का सबूत है ट्विटर पर उनका स्टेटस। जिसमें शिवराज ने अपना परिचय ‘मध्य प्रदेश के एक आम इंसान’ के रुप में दिया है। 


शिवराज ने मध्य प्रदेश के चुनाव परिणाम आने के अगले दिन ही इस्तीफा दे दिया था। उन्होनें हार की जिम्मेदारी भी स्वयं पर ली और कहा कि वह मध्य प्रदेश की विकास यात्रा का हिस्सा बने रहेंगे। 

शिवराज पहले ही कह चुके हैं कि वह मध्य प्रदेश में ही रहेंगे। लेकिन कहा जा रहा है कि उन्हें केन्द्रीय कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। 

हो सकता है कि वह 2019 में होने वाले अगले लोकसभा चुनाव में विदिशा से चुनाव लड़ें। 

क्योंकि विदिशा से चुनाव लड़ने वाली विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पहले ही घोषणा कर चुकी हैं कि स्वास्थ्य कारणों से वह अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगीं।