राफेल सौदे को लेकर सत्ता और विपक्ष में तीखी बयानबाजी के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया है। राहुल के 'देश का चौकीदार चोर है' वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष की भाषा को लेकर भी सवाल उठाए। साथ ही साफ कर दिया कि राहुल के आरोपों से कोई फर्क नहीं पड़ता। राफेल भारत आ रहे हैं और यह सौदा रद्द नहीं होगा। 

दरअसल, फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रैंकोइस होलांदे ने यह कहकर सियासी भूचाल ला दिया कि राफेल डील में ऑफसेट पार्टनर के रूप में रिलायंस के नाम का सुझाव भारत सरकार की ओर से दिया गया था। ऐसे में उनकी सरकार के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। हालांकि बाद में होलांदे ने सफाई देते हुए कहा कि दसॉल्ट एविएशन ही इस बारे में कुछ बता पाएगी। 

होलांदे के बयान को सियासी हथियार बनाकर कांग्रेस मोदी सरकार पर हमले कर रही है। इन्हीं हमलों का जवाब देने के लिए उतरे जेटली ने कहा, राहुल गांधी को कोई भी बात एक बार में समझ में नहीं आती है। उनकी समझने की क्षमता कम है।

जेटली ने कहा, 'यह एक घोटाला कैसे हो सकता है यदि एक दर्जन भारतीय कंपनियां कहती हैं कि 56,000 करोड़ रुपये के अनुबंध के लिए ऑफसेट 28,000 करोड़ रुपये होने जा रहे हैं।मैं उन 20 में से एक बनना चाहता हूं जो ऑफसेट आपूर्ति करने जा रहे हैं? हर किसी को 2000 से 4000 करोड़ रुपये मिलेंगे। यह कैसे अप्रासंगिक है।' उन्होंने साफ कहा कि राहुल कितने भी आरोप लगा लें राफेल सौदा रद्द नहीं होगा। 

होलांदे के बयान पर वित्त मंत्री ने कहा, 'मुझे बिल्कुल हैरानी नहीं होगी अगर यह सब पहले से ही सुनियोजित निकलेगा। 30 अगस्त को राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'पेरिस में कुछ धमाके होने वाले हैं' और उसके बाद वही हुआ जैसा उन्होंने कहा था।' 

राहुल गांधी के 'देश का चौकीदार चोर है' वाले बयान पर जेटली ने कहा- सार्वजनक बहस कोई लाफ्टर चैलेंज नहीं है, कभी आप किसी को गले लगा लो, आंख मारो या फिर दस बार गलत बयानदेते रहो। लोकतंत्र में एक दूसरे पर हमले होते हैं लेकिन शब्दावली ऐसी हो जिसमें बुद्धिमानी दिखाई दे।'

सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर राहुल गांधी के ट्वीट का जवाब देते हुए अरुण जेटली ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक पर सभी देशवासियों को गर्व होना चाहिए। अगर आपको इस पर शर्म आती है तो आपकी देशभक्ति पर सवाल उठने चाहिए।